नेपाल संसद में बजट भाषण को लेकर भारतीय वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक, जोगबनी बॉर्डर पर अफरा-तफरी, गोद में मरीज ले जाने को मजबूर परिजन
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 29 May 2026 1:36 PM
मरीज को गोद में उठाकर नेपाल ले जाते परिजन
Indian Vehicles Banned: नेपाल सरकार के बजट भाषण के चलते जोगबनी-विराटनगर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय नंबर की गाड़ियों के प्रवेश पर अचानक पूर्ण रोक लगा दी गई है. सीमा शुल्क (भंसार) का सिस्टम बंद होने से सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे गंभीर मरीजों और दूर-दराज से आए आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
Indian Vehicles Banned: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिले के जोगबनी चेकपोस्ट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पड़ोसी देश नेपाल में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट भाषण को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से भारतीय नंबर प्लेट वाले सभी वाहनों के नेपाल प्रवेश पर शुक्रवार को संध्या (शाम) तक के लिए पूरी तरह रोक लगा दी गई है. नेपाल कस्टम विभाग द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले के कारण सीमाई इलाके और चेकपोस्ट पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. बिना किसी पूर्व सूचना के बॉर्डर सील होने की वजह से नेपाल और भारत के दूर-दराज के इलाकों से आए यात्रियों व वाहन चालकों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले पेश कर रहे बजट, भंसार का सिस्टम हुआ बंद
क्या है पूरा मामला:
नेपाल की नई गठबंधन सरकार के वित्त मंत्री डॉक्टर स्वर्णिम वागले द्वारा शुक्रवार को काठमांडू स्थित संघीय संसद की संयुक्त बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष का ऐतिहासिक बजट पेश किया जा रहा है.
- टैक्स सिस्टम में अपडेट: नेपाल भंसार (कस्टम) के अधिकारियों के अनुसार, बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद केंद्रीय राजस्व और आयात-निर्यात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) के करों में नए बदलाव और संशोधन किए जाते हैं.
- भंसार रसीद पर रोक: इन बदलावों को मुख्य ऑनलाइन सर्वर और डिजिटल सिस्टम में अपडेट किया जाता है. इस तकनीकी प्रक्रिया के कारण शुक्रवार को पूरे दिन के लिए भंसार का काम पूरी तरह से ठप (बंद) रखा गया है. चूंकि बिना भंसार रसीद (परमिट) कटे कोई भी भारतीय वाहन नेपाल की सीमा में दाखिल नहीं हो सकता, इसलिए भारतीय गाड़ियों के प्रवेश को रोक दिया गया है.
बॉर्डर पर मुस्तैद भारतीय सुरक्षा बल एसएसबी (SSB) के जवानों ने शुक्रवार सुबह से ही नियमों का हवाला देते हुए भारतीय क्षेत्र से ही सभी चार पहिया और दो पहिया वाहनों को वापस लौटाना शुरू कर दिया है.
मरीजों को गोद में उठाकर सीमा पार कराने की नौबत, रेलवे पार्किंग बनी सहारा
अमानवीय स्थिति: अचानक लगी इस रोक का सबसे दर्दनाक असर सीमा पार इलाज के लिए जाने वाले गंभीर मरीजों पर देखने को मिला. विराटनगर या धरान के अस्पतालों में री-मेडिकल के लिए जा रहे कई लाचार मरीजों को उनके परिजन मजबूरी में गाड़ियों से उतारकर अपनी गोद और स्ट्रेचर के सहारे पैदल ही सीमा पार कराते दिखे, जिससे मानवीय संवेदनाएं तार-तार होती नजर आईं.
इसके अलावा, जो लोग भारत के विभिन्न राज्यों व दूर-दराज के जिलों से अपनी निजी गाड़ियों से नेपाल घूमने या रिश्तेदारों से मिलने आए थे, उन्हें भारी फजीहत झेलनी पड़ी.
- नेपाली गाड़ियों का सहारा: सीमा से वापस लौटाए जाने के बाद दर्जनों यात्रियों ने जोगबनी रेलवे स्टेशन की आधिकारिक पार्किंग में अपनी गाड़ियां खड़ी कीं.
- किराए की मार: इसके बाद लोग पैदल ही नो-मैन लैंड पार कर नेपाली क्षेत्र में दाखिल हुए और वहां से अत्यधिक महंगे दामों पर नेपाली नंबर के वाहनों को किराए पर लेकर अपने-अपने गंतव्य (विराटनगर, इटहरी, धरान) की ओर प्रस्थान करने को मजबूर हुए. कई लोग इस अव्यवस्था से नाराज होकर अपने घर वापस लौट गए.
शाम के बाद सिस्टम अपडेट होते ही बहाल होगी आवाजाही
बॉर्डर पर मचे हंगामे के बीच नेपाल भंसार कार्यालय के वरिष्ठ कर्मियों ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि यह एक नियमित और तकनीकी प्रक्रिया है, जो हर साल बजट के दिन अपनाई जाती है. जैसे ही संसद में वित्त मंत्री का बजट भाषण समाप्त होगा और नए करों का डेटा सॉफ्टवेयर में फीड (अपडेट) कर दिया जाएगा, वैसे ही भंसार की खिड़कियां दोबारा खोल दी जाएंगी. उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार देर शाम या शनिवार सुबह से भारतीय नंबर की गाड़ियों के लिए परमिट कटना दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सकेगा.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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