सीमा पर गांजा की बड़ी खेपें पकड़ रहीं पुलिस-एसएसबी, सरगना अब भी गिरफ्त से बाहर

कुर्साकांटा थाना | Prabhat Khabar Network
अररिया के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और एसएसबी ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया है. लगातार हो रही बरामदगियों के बावजूद, इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे चिंता बनी हुई है.
अररिया : भारत-नेपाल सीमा से सटे कुर्साकांटा, कुआड़ी और सोनामनी गोदाम थाना क्षेत्रों में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की लगातार कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में दहशत का माहौल है. हालांकि, लगातार बड़ी बरामदगियों के बावजूद इस अवैध कारोबार के कथित मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.
हाल के दिनों में कुर्साकांटा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बस स्टैंड के पास कार्रवाई करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन से तीन क्विंटल 25 किलोग्राम गांजा बरामद किया था. इस मामले में कटिहार जिले के फलका निवासी चालक शमीम को गिरफ्तार किया गया. वहीं, कुआड़ी थाना पुलिस और एसएसबी की 52वीं बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में दो क्विंटल 40 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, हालांकि इस दौरान तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे.
श्रावण को लेकर बढ़ी मांग, सक्रिय हुए तस्कर
स्थानीय सूत्रों के अनुसार आगामी श्रावण माह को देखते हुए गांजा की मांग बढ़ने की संभावना के बीच तस्कर सक्रिय हो गए हैं. बताया जा रहा है कि पूर्णिया, नौगछिया और भागलपुर के तस्कर सीमावर्ती क्षेत्रों के नेटवर्क के माध्यम से गांजे की खेप मंगवा रहे हैं. पुलिस खुफिया सूचना के आधार पर कुछ खेप पकड़ने में सफल हो रही है, लेकिन मुख्य नेटवर्क संचालक अब भी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं.
नेपाल से सस्ता, भारत में कई गुना महंगा
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि नेपाल में लगभग 3,600 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाला गांजा भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों, जैसे नरपतगंज, फारबिसगंज, कुआड़ी और सिकटी में करीब 12 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकता है. अररिया की सीमा पार करने के बाद इसकी कीमत 18 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से भी अधिक पहुंच जाती है. इसी अधिक मुनाफे के कारण तस्करों ने कथित तौर पर मजदूरों, लाइनरों और अन्य सहयोगियों का संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा है.
पुलिस का दावा, तकनीकी जांच जारी
कुर्साकांटा थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि हालिया बरामदगी के मामलों में गिरफ्तार अभियुक्तों और उनके मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में कई संदिग्ध नाम सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश लोग लाइनर की भूमिका में हैं और कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है तथा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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