पट खुलते ही मां दुर्गा की पूजा करने उमड़े श्रद्धालु

Updated at : 09 Oct 2024 11:27 PM (IST)
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पट खुलते ही मां दुर्गा की पूजा करने उमड़े श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र की सप्तमी के मौके पर बुधवार को पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की. पूजा पंडालों में दिन की आरती में भी बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए.

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अररिया. शारदीय नवरात्र की सप्तमी के मौके पर बुधवार को पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की. पूजा पंडालों में दिन की आरती में भी बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए. बुधवार को मां के दर्शन को लेकर पट खुलना था, इसलिये सुबह से ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो गयी थी. खास कर महिलाओं व बच्चों में काफी उत्सुकता देखी गयी. पट खुलते ही पूजा पंडालों में मां के दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे शहर में जाम जैसी स्थिति दिखने लगी. यह सिलसिला देर रात तक चला. भीड़ के कारण शहर के अंदर वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई. हालांकि चौक-चौराहे पर पुलिस प्रशासन की प्रतिनियुक्ति थी. पूरा शहर दुर्गा सप्तशती के श्लोक, मां की वंदना व स्तुति से गुंजायमान हो रहा है. हर कोई मां की भक्ति में डूबा हुआ है. जबकि मंदिर व पूजा पंडाल को रंग-बिरंगी रोशनियों से नहला दिया गया है. शहर में बनाये गये एक से बढ़कर एक आकर्षक पूजा पंडालों व मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के लिए सड़कों पर जनसैलाब सा उमड़ पड़ा. विधि-व्यवस्था को लेकर शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिसबलों की तैनाती है. जिले के वरीय से लेकर कनीय पदाधिकारी व जवान दुर्गा पूजा को सद्भाव पूर्वक संपन्न कराने में मुस्तैदी दिखा रहे हैं. कालरात्रि की हुई पूजा, मां महागौरी की पूजा आज अररिया.दुर्गा मंदिरों पट खुलते ही बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड पड़ी. इस दौरान मां की पूजा के लिए खासकर महिलाओं की अधिक भीड़ दिखी. वहीं बुधवार को मां कालरात्रि की पूजा की गयी. बताया जाता है कि शारदीय नवरात्र के दौरान निशा पूजन का एक अलग ही महत्व है. देवी का सातवें स्वरूप को कालरात्रि के रुप में जाना जाता है. सप्तमी को मां काे महास्नान कराया जाता है. इसी दिन रात में निशा पूजन होता है. मंदिर के मुख्य पुजारी के देख रेख में निशा पूजा का आयोजन किया जाता है. इस पूजन में अन्य धार्मिक क्रिया कलापों के अलावा गांव के एक परिवार विशेष द्वारा दी गयी बलि से इसकी शुरूआत होती है. इसमें काले कबूतर व काले छागर की बलि दी जाती है. इस पूजा की शुरूआत 12 बजे रात में होती है, जो अगले दो घंटे तक चलती है. ऐसी मान्यता है कि इस पूजन को देखने मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं व मां का आशीर्वाद मिलता है. इस पूजा को देखने के लिए प्रतिवर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में जुटते हैं. चंडिका स्थान में महाअष्टमी मेला आज, तैयारी पूरी भरगामा. प्रखंड मुख्यालय स्थित माता चंडिका स्थान मंदिर में गुरुवार को महाअष्टमी के अवसर पर लगने वाले एक दिवसीय मेले की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गयी है. माता स्थान में उमड़ने वाली भीड़ व मेला देखने के लिए पहुंचने वाले हजारों लोगों को देखते हुए इस एक दिवसीय मेले में गुरुवार को सुबह से देर रात तक पुलिस बल की तैनाती रहेगी. कहते हैं कि 150 वर्षों से दुर्गा पूजा के अवसर पर महाअष्टमी के दिन लगने वाले इस मेले में काफी दूर दराज से लोग आते हैं. थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मेला को लेकर चंडी स्थान परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.

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