संवेदकों ने लगाया काम में अनियमितता का आरोप
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jan 2020 7:18 AM (IST)
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अररिया : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जिला आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है. इस क्रम में विभागीय नियमों को ताक पर रख कर विकास कार्य संपादित किये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भवन निर्माण विभाग व स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल अररिया द्वारा कई योजनाओं का निष्पादन […]
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अररिया : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जिला आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है. इस क्रम में विभागीय नियमों को ताक पर रख कर विकास कार्य संपादित किये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भवन निर्माण विभाग व स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल अररिया द्वारा कई योजनाओं का निष्पादन किया जा रहा है. गौरतलब है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय नियमों को ताक पर रख दिया गया है.
जानकारी अनुसार बिना प्रशासनिक स्वीकृति व प्राक्कलन के विकास योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है. जानकारों की मानें अत्यावश्यक कार्यों के लिये अल्पकालीन निविदा के प्रकाशन का प्रावधान है.
विशिष्ट अतिथि के आगमन को लेकर हैलिपेड का निर्माण व सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग का कार्य अत्यावश्यक कार्यों की श्रेणी में आता है. लेकिन जिस तरह से अतिथि गृह, अररिया कॉलेज सहित बाजार समिति परिसर के रंगरोगन सहित अन्य विकासात्मक कार्य संपादित किये जा रहे हैं.
इसे अत्यावश्यक कार्यों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है. संबंधित मामले में पूछे जाने पर जिला एसएफसी प्रबंधक शंभु कुमार ने बताया कि एसएफसी गोदाम के बाहरी दिवारों का रंगरोगन एसफएसी के माध्यम से ही किया जा रहा है. इसके लिये जरूरी राशि के आवंटन को लेकर विभाग से पत्राचार किया गया है.
बाजार समिति में निर्माणाधिन पीसीसी सड़क व हैलिपेड के निर्माण के बारे में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता गजाधर मंडल ने कहा कि तात्कालिक तौर पर स्थायी हैलिपेड का निर्माण किया गया है. अभी इसका थिकनेस कम रखा गया है. बाद में इसे बढ़ाया जायेगा.
इधर संवेदकों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर चल रही तैयारियों के क्रम में विभाग अपनी मनमानी पर तुला है. बिना प्राक्कलन व प्रशासनिक स्वीकृति के कार्य संपादित किये जा रहे हैं. इससे विभाग द्वारा अपने चहेते संवेदकों को लाभ पहुंचाने की कवायत के तौर पर देखा जा सकता है ताकि बाद में मनमाने रूप से प्राक्कलन तैयार कर भुगतान राशि का बंदरबांट किया जा सके.
संवेदकों ने एक स्वर में इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी है. एक दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद : मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर चल रही तैयारियों में बिना प्राक्कलन व प्रशासनिक स्वीकृति के विभिन्न विकास कार्यों संपादित किये जाने के सवाल पर एक विभाग दूसरे विभाग के पाले में गेंद डाल कर अपना पाला झाड़ने की कवायद में लगे हुए हैं.
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता गजाधर मंडल ने संबंधित मामले में कहा कि अधिकांश कार्य स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल अररिया द्वारा संपादित है. भवन निर्माण विभाग महज हैलिपेड का निर्माण कार्य में संलग्न है. पूर्व में जारी सर्कुलर के आधार पर कार्य संपादित किये जा रहे हैं.
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