ePaper

शहर में रोजाना लाखों लीटर गाड़ी धोने में बर्बाद होता है पीने योग्य पानी

Updated at : 03 Sep 2019 7:53 AM (IST)
विज्ञापन
शहर में रोजाना लाखों लीटर गाड़ी धोने में बर्बाद होता है पीने योग्य पानी

हेमंत कुमार हीरा, अररिया : शहर में भूजल स्तर हर साल नीचे गिर रहा है. लेकिन इसकी किसी को चिंता नहीं है. ग्राउंड वाटर का लगातार अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है. आप यह सुनकर हैरान हो जाएंगे कि शहर की कार, बाइक, स्कूटर आदि वाहन धोने में रोजाना कई लाख लीटर पानी बर्बाद किया […]

विज्ञापन

हेमंत कुमार हीरा, अररिया : शहर में भूजल स्तर हर साल नीचे गिर रहा है. लेकिन इसकी किसी को चिंता नहीं है. ग्राउंड वाटर का लगातार अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है. आप यह सुनकर हैरान हो जाएंगे कि शहर की कार, बाइक, स्कूटर आदि वाहन धोने में रोजाना कई लाख लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है.

लेकिन इस तरफ न तो प्रशासन ध्यान दे रहे हैं और न ही लोग खुद पानी बचाने के लिए कोई कदम उठा रहे हैं. बताया जाता है कि जितना पानी रोजाना वाहन धोने में प्रयोग किया जाता है. उतने पानी में हजारों घरों में पेयजल की सप्लाई दी जा सकती है.
हालांकि जिले में सरकारी विभाग के अलावा कई निजी संस्था भी समय-समय पर जल बचाओ कार्यक्रम चलाती रहती है. फिर भी इस प्रकार हो रही पीने योग्य पानी की बर्बादी को रोकने के लिण् न तो विभाग न ही आम लोग ही सामने आ रहे हैं. ऐसे में आने वाले पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा यह इस तरह से हो रहे पानी के बर्बादी से देखने को मिलता है. वर्तमान समय में ऐसे कई राज्य हैं जो जल संकट से गुजर रहे हैं.
बिना लाइसेंस का चलता है वाशिंग सेंटर
जिले में चल रही वाशिंग सेंटर के माध्यम से वाशिंग सेंटर संचालक मोटी कमाई करते हैं. लेकिन इसके लिए परेशानी गाड़ी धोने या धुलवाने वाले को भी करना पड़ सकता है. क्योंकि जिस तरह से जिले का जल स्तर नीचे जा रहा है. उसे साफ अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले 10 से 20 सालों में ही हम लोगों को पानी का मुसीबत का सामना उठाना पड़ सकता है.
शहर में एक वाशिंग सेंटर चला रहे तो दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वाशिंग सेंटर चलाने के लिए किसी प्रकार की लाइसेंस हम लोगों ने नहीं ली है. ना ही कभी प्रशासन के द्वारा इसके लिए हम लोगों पर जुर्माना या किसी तरह से परेशान ही किया गया है.
पीने योग्य जल को बचाने के लिए समाज को भी बढ़ाना होगा कदम : जानकार बताते हैं जल बचाना एक लोग की बस की बात नहीं है. इसके लिए सभी समाज को मिलकर आगे आना होगा. क्योंकि जब तक समाज आगे नहीं आता है, तब तक पानी को बचाना असंभव है.
जानकारी यह भी बताते हैं कि कुछ पदाधिकारी व समाजसेवी के द्वारा खास अवसर के मौके पर जल बचाने के लिए शपथ तो लोगों को दिला दिया जाता है. लेकिन इनका पालन सही मायने में नहीं हो पाता है. ऐसी स्थिति में जब तक पदाधिकारी, समाजसेवी या आमलोग जल बचाने के लिए धरातल पर काम नहीं करेंगे तब तक जल बचा पाना असंभव है. इसलिए जल बचाने के लिए हर घर से आवाज उठनी जरूरी है.
जिले में संचालित हैं सैंकड़ों वाशिंग सेंटर
बताया जाता है कि जिले में सैकड़ों वाशिंग सेंटर अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं. इन सेंटरों में रोजाना लाखों लीटर की पानी की बर्बादी वाहन धोने में किया जा रहा है.
इतना ही नहीं बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने घरों में भी रोजना कार वाश करते हैं. घरों के बाहर कार वाश करने वाले लोग भी लाखों लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं. वही शहर के कार वाशिंग सेंटर की बात करें तो औसतन एक सेंटर में पांच से 10 कारें व दर्जनों बाइक धोने के लिए आती हैं. इस तरह से पानी की बर्बाद करना कहीं ना कहीं हम लोगों के लिए भी बड़ी समस्या बन सकती है.
कहते हैं मुख्य अभियंता पीएचइडी पूर्णिया
इस मामले में पीएचईडी विभाग के मुख्य अभियंता पूर्णिया के संजय कुमार ने बताया पानी को बर्बाद करने का किसी को भी अधिकार नहीं दिया गया है. अगर कोई वाहन धोनें का सेंटर चला रहा है तो, इसके लिए जिला पदाधिकारी से आदेश लेना अनिवार्य होता है. जबकि सप्लाई पानी से कोई वाहन धोता है तो उसके लिए अलग कार्रवाई की जाती है. कहीं पानी का दुरुपयोग होता है और इसके लिए कोई शिकायत करता है तो, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन