व्यावहारिक व सामूहिक पहल की जरूरत, अपने बच्चों से करें शुरुआत
Updated at : 25 Mar 2019 7:15 AM (IST)
विज्ञापन

अररिया : जाने-माने कहानीकार श्री नूरी ने कहा कि हमें आम बोल चाल में उर्दू के सरल शब्दों का इस्तेमाल करनी चाहिए. ये ध्यान देना चाहिए कि बच्चे उर्दू पढ़ें-लिखें. एक हद तक उन्हें उर्दू भाषा का ज्ञान होना ही चाहिए. केवल सरकार के भरोसे उर्दू का विकास नहीं हो सकता है. उर्दू भाषियों को […]
विज्ञापन
अररिया : जाने-माने कहानीकार श्री नूरी ने कहा कि हमें आम बोल चाल में उर्दू के सरल शब्दों का इस्तेमाल करनी चाहिए. ये ध्यान देना चाहिए कि बच्चे उर्दू पढ़ें-लिखें. एक हद तक उन्हें उर्दू भाषा का ज्ञान होना ही चाहिए. केवल सरकार के भरोसे उर्दू का विकास नहीं हो सकता है.
उर्दू भाषियों को ही पहल करनी होगी. नेम प्लेट से लेकर निमंत्रण पत्र उर्दू में भी छपावना चाहिए. वहीं सेमिनार के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त एडीजे जुबैरूल हसन गाफिल ने कहा कि उर्दू के विकास के लिए जरूरी है कि बच्चों की बुनियादी तालीम उर्दू में हो.
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मकतबों की स्थापना की जाये. उन्होंने ये भी कहा कि शिक्षा व उर्दू के विकास के लिए तालीमी जमात का गठन भी होना चाहिए. जो गांव गांव जा कर लोगों को शिक्षा के लिए प्रेरित करें. इस अवसर पर दोनों की वक्ताओं ने उर्दू भाषियों से आह्वान किया कि वे उर्दू अखबार व पत्र पत्रिकाएं खरीद कर पढ़ें.
जबकि सेमीनार के विशिष्ट अतिथि जोकीहाट के विधायक शाहनवाज आलम ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्था को बधाई देते हुए कहा कि उर्दू जीने कस सलीका सिखाता है. पर उर्दू के विकास के लिए स्वयं को जागरूक करना होगा. उर्दू की प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान देना होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




