1. home Hindi News
  2. sports
  3. with the initiative of prabhat khabar and support of maithon alloys ltd the lives of boxers changed 4 players got sponsorship aml

'प्रभात खबर' की पहल और मैथन अलॉयस के सहयोग से बॉक्सरों की बदली जिंदगी, 4 खिलाड़ियों को मिला स्पॉन्सरशिप

प्रभात खबर अखबार की पहल पर चार महिला बॉक्सिंग खिलाड़ियों की किस्मत बदल गयी है. प्रभात खबर में जानकारी छपने के बाद मैथन अलॉयस लिमिटेड ने चार खिलाड़ियों और उनके कोच को स्पॉन्सरशिप दिया है. इन महिला बॉक्सरों के नाम मोनिका, शिक्षा, भारती और मिनाक्षी हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
शिक्षा, भारती और कोच दीपक हुड्डा के साथ सुभाष अग्रवाला
शिक्षा, भारती और कोच दीपक हुड्डा के साथ सुभाष अग्रवाला
Prabhat Khabar

आसनसोल : 'प्रभात खबर' अखबार की पहल और मैथन अलॉयस लिमिटेड के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक सुभाष अग्रवाला के सहयोग से रोहतक (हरियाणा) जिला के किलाही प्रखंड के छोटे से गांव में रहनेवाली चार मुक्केबाजों की जिंदगी बदल गयी. जिसमें से एक मोनिका ने नौ अप्रैल 2022 को थाइलैंड ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के लिए रजत पदक जीता. दूसरी खिलाड़ी शिक्षा नरवाल को वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 54 किलो वर्गभार में देश का प्रतिनिधत्व करने का मौका मिला है. तुर्की में आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए शिक्षा भारतीय टीम से साथ तुर्की पहुंच गयी है. अन्य दो खिलाड़ी भारती बागड़ी और मीनाक्षी अपनी तैयारी में जुटी है.

कैसे बदली खिलाड़ियों की जिंदगी

अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज मोनिका ने प्रभात खबर के साथ बातचीत के दौरान आर्थिक तंगी के कारण खेल प्रभावित होने की बात कही. उसके साथ प्रशिक्षण ले रही अन्य खिलाड़ियों का भी जिक्र उन्होंने किया. प्रभात खबर ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया. खबर पढ़ते ही मैथन अलॉयस लिमिटेड के सीएमडी श्री अग्रवाला ने प्रभात खबर से संपर्क किया और खिलाड़ियों को तीन साल तक स्पॉन्सरशिप देने की घोषणा की. पहले उन्होंने मोनिका को और बाद में शिक्षा, भारती और मीनाक्षी के साथ उनके कोच दीपक हुड्डा को भी स्पॉन्सर किया. स्पॉन्सरशिप पाने वाले खिलाड़ी व कोच तथा स्पॉन्सर करनेवाले श्री अग्रवाला सभी ने कहा कि प्रभात खबर के बदौलत ही यह संभव हो पाया.

ड्राइवर की बेटी है शिक्षा नरवाल

रोहतक जिला के रिठाल गांव के एक ड्राइवर की चार संतानों में सबसे छोटी शिक्षा ने वर्ष 2013 में स्कूल नेशनल चैंपियनशिप बॉक्सिंग में 48 किलो वर्ग में सोना जीता था. 2015 ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सोना, 2016 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में सोना, 2017 में वियतनाम में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी शिक्षा ने जीता. इसी साल नार्दन रेलवे में उसे नौकरी मिली. वर्ष 2019 में नेपाल में आयोजित साऊथ एशियन गेम्स में रजत पदक और 2021 नेशनल चैंपियनशिप में सोना जीता था.

रिंग में फाइट करती शिक्षा.
रिंग में फाइट करती शिक्षा.
Prabhat Khabar

54 किलो वर्ग में देश की नंबर वन रैंकिंग में पहुंची शिक्षा

54 किलो वर्गभार में शिक्षा देश की नम्बर एक रैंकिंग की खिलाड़ी है. पिछले महीने इंडिया टीम की ट्रायल के बाद उसे यह रैंकिंग मिली. वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए शिक्षा ने दिन रात मेहनत किया. उसके परिश्रम की बदौलत ही उसे यह मौका मिला है. पांच मई से 21 मई तक प्रतियोगिता चलेगी. भारतीय टीम तुर्की पहुंच गयी है. विभिन्न देशों से आये खिलाड़ियों के साथ वे अभ्यास करेंगे. शिक्षा ने कहा कि इस प्रतियोगिता में देश के लिए सोना लाना सपना है. जिसे पूरा करने के लिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देगी. मैथन अलॉयस के सीएमडी श्री अग्रवाला ने शिक्षा को शुभकामनाएं दी.

क्या है मोनिका की कहानी

रोहतक जिले के रुड़की गांव के निवासी दिहाड़ी मजबूर रणधीर सिंह की छह संतानों में चौथे नंबर पर मोनिका है. मोनिका कॉलेज तक तो पहुंची लेकिन स्नातक की डिग्री हासिल नहीं कर पायी. वह स्कूल में पढ़ने के दौरान गांव के पास ही शहीद बतून सिंह स्टेडियम में खेलने जाती थी. वहां उसने 2011 में बॉक्सिंग सीखनी शुरू कर दी. उसके चचेरे भाई विजय हुड्डा उसे कोचिंग देने लगे. 2014 में जिला स्तर प्रतियोगिता में मोनिका ने गोल्ड जीता. इसके बाद उसने 2014-15 में स्कूल नेशनल मीट में बॉन्ज, 2015 में हरियाणा राज्य स्तर की प्रतियोगिता में रोहतक के लिए गोल्ड और इसी साल सीनियर नेशनल में भी गोल्ड जीता. इसके बाद उसने तुर्की में आयोजित एमहर्ट कोमर्ट कप में भारत की ओर से खेलते हुए 48 किलो वर्ग में गोल्ड जीता. 28 जुलाई 2021 को एक कार्यक्रम का आयोजन कर मैथन अलॉयस लिमिटेड के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक सुभाष अग्रवाला ने मोनिका को स्पॉन्सरशिप देने का ऐलान किया. मोनिका ने और भी कई मेडल जीते हैं.

इंटरनेशनल मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम के साथ मोनिका
इंटरनेशनल मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम के साथ मोनिका
PRabhat Khabar

क्या है भारती की कहानी

रोहतक जिले के रुड़की गांव की निवासी और दिहाड़ी मजबूर के तीन बच्चों में सबसे छोटी भारती बागड़ी ने 46 किलो वर्ग में वर्ष 2016 और 2017 में लगातार दो बार स्कूल नेशनल गेम्स में गोल्ड जीता. 2019 में यूथ नेशनल चैंपियनशिप में 48 किलो वर्ग में भारती ने गोल्ड जीता और 2019 में सर्विया में आयोजित आठवां गोल्डन ग्लव्स चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता. इसी साल पोलैंड में आयोजित इंटरनेशनल कप में गोल्ड के साथ भारती को प्रशिक्षण का भी मौका मिला. स्पॉन्सरशिप मिलने के बाद भारती ने कहा कि वह देश के लिए कई मेडल जीतना चाहती है. उसने कहा कि वह देश के लिए सोना जीतकर मैथन अलॉयस के विश्वास पर खता उतरने का प्रयास करेगी.

रिपोर्ट : शिवशंकर ठाकुर

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें