बंगाल में दो हजार और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करेगा आयोग, 25 दिनों में खत्म करना है SIR का काम

Author Ashish Jha
Updated:
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फाइल फोटो

Bengal SIR: माइक्रो ऑब्जर्वर के लिए 24 दिसंबर को प्रशिक्षण रखी गयी था, लेकिन बहुत कम संख्या में वे वहां पहुंचे थे. नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है.

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Bengal SIR: कोलकाता. बंगाल में SIR का काम तेज किया जा रहा है. चुनाव आयोग ने एसआइआर की सुनवाई के लिए बंगाल में करीब दो हजार और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने का फैसला लिया है. आयोग अब तक 4600 माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त कर चुका है. नये माइक्रो ऑब्जर्वर भी केंद्र सरकार के गजेटेड अधिकारी होंगे. नये नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वर को गुरुवार को ट्रेनिंग दी जायेगी. बताया जा रहा है कि सुनवाई प्रक्रिया को तेज करने के लिए और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किये जा रहे हैं. नये माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त के नियुक्त होने से जहां सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है, वहीं अगले 25 दिनों में इस काम को पूरा कर लेने का लक्ष्य भी पूरा कर लिया जायेगा.

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1 करोड़ 26 लाख लोगों की होनी है सुनवाई

आयोग का कहना है कि बंगाल में लॉजिकल विसंगतियों की लिस्ट में 94 लाख लोग हैं. इसके अलावा ‘नो मैपिंग’ लिस्ट में 32 लाख लोग हैं. यानी 1 करोड़ 26 लाख लोगों की सुनवाई होनी है. सुनवाई का दौर 15-20 दिनों तक चलने वाला है. अब तक सुनवाई के लिए 70 लाख नोटिस तैयार किये जा चुके हैं, जिसमें से 34 लाख नोटिस पहले ही भेजे जा चुके हैं. सुनवाई सात फरवरी तक चलेगी. सिर्फ 25-26 दिन बचे हैं. उस समय में पूरा काम पूरा करने के लिए और लोगों की जरूरत है. इन सबको देखते हुए और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने का फैसला लिया गया है.

सुनवाई में शामिल नहीं हो रहे माइक्रो ऑब्जर्वर

पूरे बंगाल में एसआइआर को लेकर सुनवाई चल रही है. सुनवाई के लिए चुनाव आयोग ने करीब चार हजार माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किये हैं. ये सभी ऑब्जर्वर केंद्रीय सरकार के अधीन विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी हैं. आयोग ने 778 माइक्रो ऑब्जर्वर को कारण बताओ नोटिस जारी किया. बताया जा रहा है कि ये सभी सुनवाई प्रकिया में नहीं पहुंचे थे. मालूम रहे कि माइक्रो ऑब्जर्वर के लिए 24 दिसंबर को प्रशिक्षण रखी गयी था, लेकिन बहुत कम संख्या में वे वहां पहुंचे थे. नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है. समय पर नोटिस का जवाब नहीं देने पर आयोग कड़ा रुख अपना सकता है और उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है.

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