दो मैच व दोनों बार मैन ऑफ द मैच : मयंक ने मजबूत किया टी-20 विश्व कप का दावा

Bengaluru: Lucknow Super Giants's Mayank Yadav celebrates after taking the wicket of Royal Challengers Bengaluru batter Cameron Green during the Indian Premier League (IPL) 2024 T20 cricket match between Royal Challengers Bengaluru and Lucknow Super Giants, at M Chinnaswamy Stadium, in Bengaluru, Tuesday, April 2, 2024. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI04_02_2024_000390B)
मयंक यादव को शुरू के दिनों में कभी भी नहीं लगा था कि वह तेज बॉलर बनेंगे. हालांकि उनके पहले कोच तारक सिन्हा ने उनकी काबिलियत समझी और इसके बाद तो उनकी कहानी बदल गयी.
विधान चंद्र मिश्र
अपनी रफ्तार से डरानेवाले मयंक यादव को शुरू के दिनों में कभी भी नहीं लगा था कि वह तेज बॉलर बनेंगे. हालांकि उनके पहले कोच तारक सिन्हा ने उनकी काबिलियत समझी और इसके बाद तो उनकी कहानी बदल गयी. मयंक ने इस सत्र के आइपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से पदार्पण किया है. तेज रफ्तार से विकेट निकाल पहले दोनों मैचों में मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीत कर नया इतिहास इतिहास रच दिया है. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने ऐसा कर दिखाया है, जो आइपीएल के इतिहास में अब तक नहीं हुआ था. मंगलवार को 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ग्लेन मैक्सवेल और कैमरून ग्रीन जैसे धुरंधरों का विकेट चयकाया. इससे पहले पंजाब के खिलाफ 27 रन देकर तीन विकेट उन्होंने लिये थे. दो मैचों में एक बात कॉमन रही, जो उनकी गेंदों की गति थी, जो उन्हें सबसे खतरनाक गेंदबाज बनाती है. भारतीय चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का जिस तरह का एप्रोच है, उस हिसाब से यह तय है कि मयंक को टीम में मौका मिल सकता है. भारत की ओर से जून में आइसीसी टी-20 वर्ल्ड कप और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के लिए यात्रा कर सकते हैं.सिरफोड़ू गेंदबाज के नाम से मसहूर
दिल्ली के सोनेट क्रिकेट एकेडमी में मयंक ने शुरुआती ट्रेनिंग ली थी. उस क्लब के लोग उन्हें ‘राजधानी एक्सप्रेस’ के नाम से पुकारते हैं. हालांकि दिल्ली में सिर फोंड़नेवाले गेंदबाज के नाम से इनकी चर्चा होती है. मयंक के पिता प्रभु यादव की दिल्ली में एक कंपनी हैं, जो एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों के लिए सायरन बनाती है. पिता वेस्टइंडीज़ के दिग्गज गेंदबाज कर्टली एंब्रोस के फैन है और मयंक को तेज गेंदबाज बनने के लिए उन्होंने ही प्रेरित किया था.बिहार से है परिवार का नाता
मयंक यादव के नाता बिहार से भी है. परिवार सुपौल जिले का रतहो गांव का रहनेवाला है. हालांकि वह दिल्ली में बस गये हैं.डेल स्टेन को मानते हैं आदर्श
मयंक को पिता भले ही उन्हें कर्टली एंब्रोस जैसा गेंदबाज बनने को कहते हैं, लेकिन वह दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को फैन हैं.एक फर्स्ट क्लास मैच खेला है
मयंक ने दिल्ली से एक प्रथम श्रेणी मैच खेला है, दो विकेट चटकाये हैं. 17 लिस्ट-ए मैचों में 34 विकेट झटके हैं, जबकि 13 टी-20 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं.मयंक ने फेंकी आइपीएल इतिहास की चौथी सबसे तेज गेंद
गेंदबाज स्पीड (किमी/घंटे) वर्षशॉन टैट 157.7 2011लॉकी फर्ग्यूसन 157.3 2022उमरान 157 2022मयंक यादव 156.7 2024एनरिच नोर्टजे 156.2 2020
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By Prabhat Khabar News Desk
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