एशियन गेम्स : भारतीय टीम ग्रुपों में पहुंचने लगी जकार्ता, तीरंदाजी स्पर्धा से भारत करेगा आगाज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Aug 2018 9:55 AM
नेशनल कंटेंट सेलमेडल की उम्मीद में भारतीय खिलाड़ी 18 अगस्त से 18वें एशियन गेम्स में चुनौती पेश करेंगे. भारत से इस बार 804 सदस्यीय दल जकार्ता के लिए जा रहा है. खिलाड़ी 36 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत ने साल 2014 में हुए एशियन गेम्स 11 गोल्ड, नौ सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल […]
नेशनल कंटेंट सेल
मेडल की उम्मीद में भारतीय खिलाड़ी 18 अगस्त से 18वें एशियन गेम्स में चुनौती पेश करेंगे. भारत से इस बार 804 सदस्यीय दल जकार्ता के लिए जा रहा है. खिलाड़ी 36 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत ने साल 2014 में हुए एशियन गेम्स 11 गोल्ड, नौ सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल मिलाकर कुल 57 मेडल अपने नाम किए थे. भारतीय टीम इस बार प्रदर्शन में सुधार करना चाहती है. 18 अगस्त से शुरू होनेवाले खेलों में उद्घाटन समारोह के लिए स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चौपड़ा को भारतीय कंटिन्जेंट का ध्वज वाहक चुना गया है. वहीं इसी दिन भारतीय तीरंदाजी टीम गेम का आगाज करेगी. भारत का पहला इवेंट होगा.
टिंटू लुका ने अनिवार्य ट्रायल में भाग नहीं लिया
इंचियोन एशियाई खेलों में 800 मीटर की दौड़ में रजत पदक जीतनेवाली टिंटू लुका इस बार इन खेलों में भाग नहीं ले सकेंगी, क्योंकि 15 अगस्त को भारतीय ऐथलेटिक्स महासंघ द्वारा आयोजित अनिवार्य ट्रायल से उसने नाम वापिस ले लिया है. लुका को तीन अन्य ऐथलीटों के साथ इस ट्रायल में मौजूद रहना था, जो 15 अगस्त को तिरूवनंतपुरम में होगा. इससे तय होना था कि उसे एशियाई खेलों में भेजा जायेगा या नहीं, लेकिन अब उन्होंने नाम ही वापस ले लिया है. फर्राटा क्वीन और लुका की मेंटॉर पीटी उषा ने एएफआइ को पत्र लिखकर कहा है कि एड़ी की चोट के कारण लुका ट्रायल में भाग नहीं ले सकेंगी. एशियाई खेल 2014 में रजत पदक जीतने वाली लुका ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में भी भाग नहीं लिया था.
जिम्नास्टिक : दीपा कर्मकार पदक की प्रबल दावेदार
इंडोनेशिया की राजधानी जाकार्ता में शुरू होने जा रहे एशियाई खेलों के जिम्नास्टिक इवेंट में दीपा कर्मकार को पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. भारत को आज तक इस स्वर्धा के महिला वर्ग में कोई मेडल नहीं मिल सका है. दीपा कर्मकार को पदक का दावेदार उनके बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से माना जा रहा है. उन्होंने 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला थीं. वहीं 2 साल बाद शानदार वापसी करते हुए इस साल उन्होंने तुर्की के मर्सिन शहर में आयोजित एफआइजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक वर्ल्ड चैलेंज कप में गोल्ड मेडल जीता था. यह वर्ल्ड चैलेंज कप में दीपा का पहला मेडल था. रियो ओलिंपिक के बाद दीपा चोटिल हो गयी थीं. दीपा को एनेट्रियर क्रुसियेट लिगामेंट (एसीएल) चोट लगी थी और उनकी सर्जरी भी हुई थी.
उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स तक वापसी की उम्मीद थी, लेकिन चोट से उबरने में उन्हें काफी समय लगा और वह गोल्ड कोस्ट में आयोजित इवेंट तक फिट नहीं हो सकीं. इसके बाद उन्हें इस साल होने जा रहे एशियाई खेलों के लिए 10 सदस्यीय भारतीय जिम्नास्टिक टीम में शामिल किया गया था. 2016 रियो ओलिंपिक के वॉल्ट इवेंट में भी दीपा ने चौथा स्थान हासिल किया था. साल 2015 में दीपा ने एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. यह भी भारत के इतिहास में पहली बार हुआ था. दीपा उन पांच महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने महिला जिम्नास्टिक का सबसे मुश्किल वॉल्ट प्रोडुनोवा सफलतापूर्वक पूरा किया है.
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