झारखंड में वॉलीबॉल के 52 रेफरी तैयार

Updated at : 16 Jul 2018 7:49 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में वॉलीबॉल के 52 रेफरी तैयार

रांची :खेलगांव के हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में झारखंड वॉलीबॉल संघ की ओर से आयोजित रेफरी क्लिनिक सह परीक्षा का समापन रविवार को हुआ. इस आयोजन के बाद झारखंड में वॉलीबॉल रेफरी की संख्या 52 हो गयी. समापन समारोह के मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडे, आइपीएस सुधीर कुमार झा, […]

विज्ञापन

रांची :खेलगांव के हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में झारखंड वॉलीबॉल संघ की ओर से आयोजित रेफरी क्लिनिक सह परीक्षा का समापन रविवार को हुआ. इस आयोजन के बाद झारखंड में वॉलीबॉल रेफरी की संख्या 52 हो गयी. समापन समारोह के मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडे, आइपीएस सुधीर कुमार झा, खेल निदेशक रणेंद्र कुमार, आइपीएस संध्या रानी, सुनील सहाय, शेखर बोस, प्रमोद कुमार, डॉ राजेश गुप्ता, सेतांक सेन और निशिकांत पाठक मौजूद थे.

तीन दिनों तक इंटरनेशनल रेफरी ने दिये कई टिप्स

तीन दिनों तक आयोजित वॉलीबॉल क्लिनिक में भारतीय वॉलीबॉल संघ के अंतरराष्ट्रीय रेफरी करुणा निधान प्रमाणिक ने झारखंड के रेफरी को कई टिप्स दिये. इसमें वॉलीबॉल के नये रूल और रेगुलेशन की जानकारी दी गयी. यह भी बताया गया कि किस तरह इन नियमों का इस्तेमाल करना है. अब ये रेफरी अपने-अपने जिलों में अायोजित प्रतियोगिता में बेहतर खेल का आयोजन कर सकेंगे.

22 से 52 तक पहुंची संख्या

झारखंड में कुछ साल पहले सिर्फ 22 रेफरी ही थे. सभी जिलों में वॉलीबॉल प्रतियोगिता के समय रेफरी की कमी होती थी. एक ही रेफरी का बार-बार इस्तेमाल करना पड़ता था. लेकिन इस क्लिनिक के बाद इनकी संख्या 52 हो गयी है. सभी को स्टेट लेवल का दर्जा मिल गया है.

रांची विवि के कुलपति ने कहा हिमा दास से प्रेरणा लें

रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतनेवाली पहली भारतीय खिलाड़ी हिमा दास का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि अभाव के बावजूद भी आगे बढ़ा जा सकता है. सिर्फ समर्पण की जरूरत है. किसी भी प्रतिस्पर्धा को जीतने के लिए खेल देखें, यह नहीं देखें की सामने कौन है? ऐसा बनें कि देश और पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन जायें.

डीआइजी सुधीर झा ने कहा, इस खेल को और प्रचारित करें रेफरी

डीआइजी सुधीर कुमार झा ने रेफरियों से कहा कि स्वयं तो अभ्यासरत रहें. साथ ही इस खेल को और भी प्रचारित भी करें. वॉलीबॉल खेल यहां 1971 के पहले से है और समय के साथ यह बहुत आगे बढ़ा है. इसे और भी बढ़ाने की जरूरत है. सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि विश्व पटल पर भी आप अपना स्थान बनायें. पुलिस विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है कि खिलाड़ियों को पुलिस विभाग की नौकरी में दो प्रतिशत का आरक्षण मिले.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola