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धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं पिट्ठू, लट्टू व गिल्‍ली-डंडा जैसे परंपरागत खेल, ये चिंता का विषय : PM मोदी

Updated at : 27 May 2018 3:56 PM (IST)
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धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं पिट्ठू, लट्टू व गिल्‍ली-डंडा जैसे परंपरागत खेल, ये चिंता का विषय : PM मोदी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्ति के समग्र विकास के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस को जरूरी बताते हुए रविवार को कहा कि फिट रहें, खेलें लेकिन पारंपरिक खेलों को न भूलें. आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मोदी ने कहा कि उनके ‘फिट इंडिया’ अभियान को […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्ति के समग्र विकास के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस को जरूरी बताते हुए रविवार को कहा कि फिट रहें, खेलें लेकिन पारंपरिक खेलों को न भूलें. आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मोदी ने कहा कि उनके ‘फिट इंडिया’ अभियान को मिली प्रतिक्रिया से वह गदगद हैं.

उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह हार्दिक प्रसन्नता की बात है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली ने मुझे अपनी चुनौती में शामिल किया है…. मैंने भी चुनौती स्वीकारी है. मेरा मानना है कि इससे फायदा होगा और इस तरह की चुनौती से हमें फिट रहने की प्रेरणा मिलने के साथ ही कई अन्य लाभ होंगे.’

मोदी ने ‘खो खो’, ‘पिट्ठू’, ‘लट्टू’ और ‘गिल्ली-डंडा’ जैसे परंपरागत खेलों के ‘विलुप्त होने के कगार पर चले जाने’ पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी चिंता होती है कि कहीं हमारे यह खेल खो न जाएं और वह सिर्फ खेल ही नहीं खो जायेगा, कहीं बचपन ही खो जायेगा.’

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया, ‘आज आवश्यकता है कि स्कूल, मुहल्ले, युवा-मंडल आगे आकर इन खेलों को बढ़ावा दें. क्राउड सोर्सिंग के द्वारा हम अपने पारंपरिक खेलों का एक बहुत बड़ा अभिलेखागार बना सकते हैं. इन खेलों के वीडियो बनाये जा सकते हैं, जिनमें खेलों के नियम, खेलने के तरीके के बारे में दिखाया जा सकता है. एनिमेशन फिल्में भी बनायी जा सकती हैं ताकि हमारी जो नयी पीढ़ी है, जिनके लिए यह गलियों में खेले जाने वाले खेल कभी-कभी अजूबा होते हैं – वह देखेंगे, खेलेंगे, खिलेंगे.’

‘फिट इंडिया’ अभियान पर मोदी ने कहा, ‘हम जितना ज्यादा खेलेंगे, देश को हम खेलने के लिए उतना ही प्रेरित करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘लोग सोशल मीडिया पर फिटनेस चुनौती के वीडियो डाल रहे हैं और हर कोई फिट इंडिया मुहिम से जुड़ रहा है.’ मोदी ने कहा, ‘चाहे फिल्म से जुड़े लोग हों, खेल से जुड़े लोग हों या देश के आम-जन, सेना के जवान हों, स्कूल की टीचर हों , चारों तरफ़ से एक ही गूंज सुनाई दे रही है – ‘हम फिट तो इंडिया फिट’.

उन्होंने कहा, ‘खेल सिर्फ खेल नहीं होते हैं, वह जीवन के मूल्यों को सिखाते हैं. लक्ष्य तय करना, दृढ़ता कैसे हासिल करना!, टीम भावना कैसे पैदा होना, परस्पर सहयोग कैसे करना….’ प्रधानमंत्री ने रोमांच की भावना की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि विकास रोमांच की गोद में ही तो जन्म लेता है. उन्होंने आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर 254 दिनों में पूरी दुनिया की परिक्रमा करने वाली नौ-सेना की 6 महिला कमांडरों की टीम का हवाला देते हुए यह बात कही.

उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले लोगों, कुछ महिलाओं और एक लड़की की भी तारीफ की. उन्होंने माउंट एवरेस्ट से लौटते वक्त वहां का कचरा साफ करने वाली बीएसएफ की टीम को भी सराहा. मोदी ने कटक में चाय विक्रेता डी प्रकाश राव की भी तारीफ की जो अपनी आय का 50 फीसदी हिस्सा एक स्कूल के संचालन में खर्च करते हैं.

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