Vaibhav Suryavanshi: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं. अंडर-19 कप्तानी के अपने पहले ही सीरीज में, इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे युवा वनडे में सनसनीखेज शतक बनाकर सीरीज को यादगार बना दिया. इस पारी के साथ, वह युवा वनडे क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के अंडर-19 कप्तान बन गए, जिससे उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता दोनों का प्रदर्शन हुआ. उन्होंने मात्र 63 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की और इस दौरान उन्होंने आठ छक्के और छह चौके जड़े. वैभव अंत में 10 छक्के और 9 चौके की मदद से 74 गेंद पर 127 रन बनाकर आउट हुए.
छक्के लगाने में माहिर हैं वैभव सूर्यवंशी
अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और छक्कों की असाधारण क्षमता के लिए जाने जाने वाले सूर्यवंशी ने अपनी इस पारी में एक नया आयाम दिखाया. अर्धशतक पूरा करने के बाद, उन्होंने कुछ देर के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को संयमित किया, संयम और परिपक्वता का परिचय देते हुए फिर से आक्रामक रुख अपनाया. आक्रामक बल्लेबाजी और सोच-समझकर शॉट चुनने की उनकी क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, क्योंकि उन्होंने ढीली गेंदों पर जमकर प्रहार किया, प्रोटियाज के गेंदबाजी आक्रमण पर हावी रहे और 63 गेंदों में 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया.
सूर्यवंशी से संयम के साथ की बल्लेबाजी
दूसरे युवा वनडे के विपरीत , जहां उन्होंने लगभग पूरी तरह से छक्के लगाने पर ध्यान केंद्रित किया था (68 रनों की पारी में 10 छक्के शामिल थे), इस बार सूर्यवंशी ने चतुराई से बल्ले की प्लेसमेंट और टाइमिंग का इस्तेमाल किया. चौकों और गैप में लगाए गए सटीक शॉट्स में उनका आत्मविश्वास साफ दिखा. सूर्यवंशी की इस पारी से स्कोरबोर्ड तेजी से आगे बढ़ता रहा और भारत को एक मजबूत स्कोर खड़ा करने में मदद मिली. उनकी पावरफुल पारी ने गेंदबाजों पर उनके दबदबे को रेखांकित किया, साथ ही यह भी दिखाया कि वे परिस्थिति के अनुसार अपने खेल को ढाल सकते हैं. 90 रन के आंकड़े तक पहुंचने के बाद उन्होंने थोड़ा धीमा खेल दिखाया और जोखिम नहीं उठाते हुए सिंगल्स लेने की कोशिश की.
कप्तान और उपकप्तान दोनों ने जड़े शतक
तीसरे युवा वनडे में सूर्यवंशी का प्रदर्शन न केवल उनकी असाधारण शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि एक उभरते हुए क्रिकेटिंग दिमाग का संकेत भी था, जो पारी को गति देने, खेल को समझने और असाधारण रूप से कम उम्र में ही आगे बढ़कर नेतृत्व करने में सक्षम है. दक्षिण अफ्रीका द्वारा बेनोनी के विलोमूर पार्क में बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर वैभव सूर्यवंशी और उनके उप-कप्तान आरोन जॉर्ज ने शुरुआत से ही मोर्चा संभाल लिया. युवा सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की विशाल साझेदारी की, जिससे भारत अंडर-19 को एक मजबूत आधार मिला. उनके आक्रामक लेकिन संयमित रवैये ने स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया, जिससे भारत की स्थिति मजबूत बनी रही और तीसरे युवा वनडे में बड़े स्कोर की नींव रखी गई.
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