पहले शारीरिक संबंध फिर कुंडली का बहाना, शादी से इनकार किया तो पड़ेगा भारी

Updated at :23 Feb 2026 8:41 PM
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सांकेतिक तस्वीर, PHOTO AI

Delhi High Court: शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने और फिर कुंडली मिलान न होने का बहाना बनाकर शादी से इनकार करना अब भारी पड़ सकता है. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया है.

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Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के बाद कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है.

बीएनएस की धारा 69 में क्या है?

बीएनएस की धारा 69 कपटपूर्ण तरीकों से यौन संबंध बनाने को अपराध की श्रेणी में रखती है. इन तरीकों में, शादी का झूठा वादा करना, नौकरी या प्रमोशन का झूठा आश्वासन देना, या अपनी पहचान छिपाना शामिल हैं.

बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध माना जाएगा

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की, जिस पर एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने और बाद में कुंडली मिलान नहीं होने के आधार पर उससे शादी से इनकार करने का आरोप है. जज ने पाया कि आरोपी द्वारा पीड़िता को बार-बार यह आश्वासन देने पर कि उनकी शादी में कोई अड़चन नहीं है, जिसमें कुंडली मिलान भी शामिल है, एक अवधि के दौरान शारीरिक संबंध बनाये गए थे. कोर्ट ने कहा, ऐसे में आरोपी के आचरण को बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है.

आपसी सहमति से संबंध को आधार बनाकर आरोपी ने जमानत मांगी थी

चार जनवरी से न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी ने इस आधार पर जमानत मांगी कि उनके बीच संबंध आपसी सहमति से थे, और दोनों एक-दूसरे को आठ साल से जानते थे. उसके वकील ने दलील दी कि शादी का झूठा वादा करके बलात्कार का मामला नहीं बनता है और उसे नियमित जमानत मिलनी चाहिए.

कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की

जज ने कहा, इस बारे में कोई दो राय नहीं हो सकती कि महज किसी रिश्ते के टूटने या शादी न होने के कारण आपराधिक कानून लागू नहीं हो सकता. हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की प्रकृति, जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री और इस तथ्य पर गौर करते हुए कि मामले में अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है, कोर्ट राहत देने को इच्छुक नहीं है.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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