सावन के बाद इन भारतीय खिलाड़ियों ने छोड़ा नॉनवेज, बने शुद्ध शाकाहारी, फिटनेस में भी सबको देते हैं मात

Indian Cricket Team Players
Pure Vegetarian Indian Players: जानें भारतीय टीम के उन स्टार खिलाड़ियों के बारे में जो पूरी तरह शाकाहारी हैं. रोहित शर्मा से विराट कोहली तक, उनकी फिटनेस और डाइट के राज.
Pure Vegetarian Indian Players: भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी भोजन पसंद करते हैं, और यही प्रवृत्ति क्रिकेट के मैदान पर भी दिखती है. भारतीय क्रिकेट टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो नॉनवेज से पूरी तरह दूरी बनाए रखते हैं और केवल शाकाहारी आहार पर ही भरोसा करते हैं. ये खिलाड़ी न केवल फिटनेस में मिसाल पेश करते हैं बल्कि अपने खेल से यह साबित कर चुके हैं कि बिना नॉनवेज खाए भी इंटरनेशनल लेवल पर बेहतरीन प्रदर्शन किया जा सकता है. इनके शाकाहारी जीवन का चुनाव सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि मानसिक शांति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी नतीजा है.
रोहित से कोहली तक ‘प्योर वेजीटेरियन’
भारतीय वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा लंबे-लंबे शॉट्स के लिए मशहूर हैं, लेकिन खाने की बात हो तो वे पूरी तरह शाकाहारी भोजन ही चुनते हैं. टीम इंडिया के फिटनेस आइकन विराट कोहली भी पिछले कई सालों से शाकाहारी डाइट अपना चुके हैं. पंजाबी परिवार से आने वाले कोहली पहले नॉनवेज के बड़े शौकीन थे और खासकर बटर चिकन उनके पसंदीदा व्यंजनों में शामिल था. लेकिन 2018 में स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्होंने नॉनवेज छोड़ दिया और वीगन डाइट अपनाई. कोहली का मानना है कि शाकाहारी भोजन से उन्हें ज्यादा ऊर्जा और फिटनेस मिलती है.
सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी 2018 में नॉनवेज को अलविदा कह दिया. उनका मानना है कि नॉनवेज खाने से उनकी जिंदगी में नकारात्मक ऊर्जा आती थी. धवन के मुताबिक, शाकाहारी भोजन ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से हल्का महसूस कराया और उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ. पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना और मिडिल ऑर्डर खिलाड़ी मनीष पांडे भी पूरी तरह शाकाहारी हैं. रैना का कहना है कि इस डाइट ने उन्हें मैदान पर तेज और फुर्तीला बनाए रखा. वहीं, ‘किंग ऑफ स्विंग’ भुवनेश्वर कुमार ने तो कभी नॉनवेज को छुआ तक नहीं और शुरुआत से ही शाकाहारी हैं.
शाकाहारी डाइट के फायदे
इन क्रिकेटरों के लिए शाकाहारी डाइट सिर्फ खाने की पसंद नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का हिस्सा है. यह डाइट कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करती है, पाचन को बेहतर बनाती है और मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करती है. साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि मांस उत्पादन की तुलना में पौध-आधारित भोजन का कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है.
इन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और फिटनेस से यह साबित कर दिया है कि नॉनवेज खाना छोड़ने से ताकत या सहनशक्ति पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता. बल्कि, सही संतुलित शाकाहारी डाइट अपनाकर भी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर दमदार खेल दिखाया जा सकता है. यह प्रेरणा उन सभी लोगों के लिए है जो मानते हैं कि फिटनेस और ताकत सिर्फ नॉनवेज खाने से ही आती है.
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By Aditya Kumar Varshney
आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.
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