अनुष्का की आलोचना पर बचाव में उतरे विराट कोहली, कहा लोगों को शर्म आनी चाहिए

Updated at : 10 Apr 2015 1:36 PM (IST)
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अनुष्का की आलोचना पर बचाव में उतरे विराट कोहली, कहा लोगों को शर्म आनी चाहिए

कोलकाता : अंतत: विराट के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने विश्वकप सेमीफाइनल में हार के बाद लोगों द्वारा किये गये बर्ताव पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं लगातार देश के लिए खेल रहा हूं और मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है. मैं एक मैच में फेल हो गया, तो जिस तरह का व्यवहार मेरे […]

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कोलकाता : अंतत: विराट के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने विश्वकप सेमीफाइनल में हार के बाद लोगों द्वारा किये गये बर्ताव पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं लगातार देश के लिए खेल रहा हूं और मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है. मैं एक मैच में फेल हो गया, तो जिस तरह का व्यवहार मेरे साथ हुआ, उससे मैं बहुत आहत हूं.विश्व कप से भारत के बाहर होने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा को दोषी ठहराने वालों को करारा जवाब देते हुए आज विराट ने कहा , ऐसे लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए क्योंकि पिछले पांच साल में उनसे ज्यादा मैच किसी ने नहीं जिताये हैं.

कोहली ने विश्व कप सेमीफाइनल से टीम के बाहर होने के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है. विश्व कप से भारत के बाहर होने के बाद अनुष्का की सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर काफी आलोचना हुई थी.उन्होंने आईपीएल की रायल चैलेंजर्स बेंगलूर टीम के एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान कहा , मानवीय स्तर पर पूछे तो मैं आहत था. जिन लोगों ने यह सब बातें कहीं हैं, उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्होंने कहा , निजी तौर पर मैं काफी निराश था. पिछले पांच साल में मैने भारत के लिए कितने मैच जीते हैं और दूसरों की तुलना में लगातार अच्छा खेला हूं.

मुझे नहीं लगता कि टीम में कोई और ऐसा होगा जिसने मुझसे बेहतर प्रदर्शन किया होगा. कोहली का मानना है कि अब उसे पता चल गया है कि किस पर भरोसा करना है. कोहली ने कहा , सिर्फ एक मैच के बाद इस तरह की प्रतिक्रिया निराशाजनक थी. इससे कई लोगों पर से आपको भरोसा उठ जाता है. एक तरह से यह अच्छा ही है. आपको पता चलता है कि कौन आपके साथ है और कौन नहीं. यह मेरे हाथ में नहीं था लेकिन प्रतिक्रियाएं काफी निराशाजनक थी. मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कोहली ने कहा कि खराब फार्म के दौरान मीडिया के मानदंड अलग अलग खिलाड़ियों के लिए अलग होते हैं.

उन्होंने कहा , यह हास्यास्पद है कि मुझे पता ही नहीं चलता कि कब मेरा खराब फार्म आया लेकिन आप फैसला सुना देते हैं. मेरे मामले में तो यदि मैं दो मैच में अच्छा नहीं खेलूं तो यह खराब फार्म है और यदि कोई खिलाडी 10 में से दो मैचों में अच्छा खेलता है तो कहते हैं कि वह फार्म में लौट आया है. उन्होंने कहा ,मैं इस पर ध्यान भी नहीं देता. मैच के दिन अच्छा प्रदर्शन अहम होता है , बस.

गौरतलब है कि विश्वकप के सेमीफाइनल में विराट कोहली मात्र एक रन बनाकर आउट हो गये थे, जिसके बाद टीम ऑस्ट्रेलिया से हार विश्वकप से बाहर हो गयी थी. इस हार के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने विराट कोहली और उनकी महिला मित्र अनुष्का शर्मा को खूब खरी-खोटी सुनायी थी.

लोगों ने तो यहां तक कह दिया था कि विराट का ध्यान खेल पर नहीं अनुष्का पर था, क्योंकि वे मैच देखने के लिए ग्राउंड पर मौजूद थीं. इस व्यवहार के बाद हालांकि टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और निदेशक रवि शास्त्री ने उनका बचाव किया था. धौनी ने तो यहां तक कहा था कि विराट के आउट होने को मुद्दा न बनायें.

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