सिडनी टेस्ट में विराट कोहली के समक्ष उपस्थित चुनौतियां

Updated at : 03 Jan 2015 1:26 PM (IST)
विज्ञापन
सिडनी टेस्ट में विराट कोहली के समक्ष उपस्थित चुनौतियां

विराट कोहली भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान बन चुके हैं और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम अपना पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी ग्राउंड में छह जनवरी मंगलवार को खेलेगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रही चार मैचों की श्रृखंला को टीम इंडिया पहले ही गंवा चुकी है, लेकिन इस मैच को लेकर काफी […]

विज्ञापन

विराट कोहली भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान बन चुके हैं और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम अपना पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी ग्राउंड में छह जनवरी मंगलवार को खेलेगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रही चार मैचों की श्रृखंला को टीम इंडिया पहले ही गंवा चुकी है, लेकिन इस मैच को लेकर काफी उम्मीदें लगायी जा रही हैं.

इससे पहले खेले गये तीन मैचों में दो पहले दो मैच भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से हार चुकी है, जबकि तीसरा मैच ड्रा खेला गया था. इसी मैच के बाद भारतीय टीम के सफलतम कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धौनी ने संन्यास ले लिया. उनके संन्यास के बाद जब भारतीय टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में आयी, तो उनसे काफी उम्मीदें की जा रही हैं. धौनी को कैप्टन कूल कहा जाता है, जो किसी भी परिस्थिति में धैर्य नहीं खोते और अपने व्यवहार में सौम्यता रखते हुए विरोधी टीम पर आक्रमण करते हैं.

जबकि विराट कोहली का स्वभाव धौनी से बिलकुल इतर है. कोहली स्वभाव और बल्ले दोनों से आक्रमक हैं. जिसके कारण उन्हें कई बार आलोचना का भी शिकार बनना पड़ा है. हालांकि जब से कोहली कप्तान बने हैं, क्रिकेट विशेषज्ञों की ऐसी टिप्पणी आ रही है कि कोहली की आक्रमकता भारतीय टीम के खेल को भी प्रभावित करेगी, जो संभवत: टीम के लिए सकारात्मक होगा.

अब देखना यह है कि छह जनवरी से शुरू हो रहे मैच में कोहली की आक्रमकता क्या रंग लाती है. धौनी और कोहली का स्वभाव भले ही अलग हो, लेकिन इनदोनों के बीच कई समानताएं भी हैं.

जीत के प्रति दीवानगी दोनों में विद्यमान : जब महेंद्र सिंह धौनी कप्तान बने थे, उस वक्त टीम इंडिया अपने विरोधी टीम के समक्ष हथियार जल्दी डाल देती थी, लेकिन धौनी ने उस रवैये में बदलाव किया और टीम को जूझने की शक्ति दी. परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, जीतने का जुनून टीम के अंदर उन्होंने ही पैदा किया. जीत का यह जुनून कोहली के अंदर भी मौजूद है और हमेशा ही इसके दर्शन हो जाते हैं.

धौनी 27 की उम्र में और कोहली 26 में बने हैं कप्तान : महेंद्र सिंह धौनी को जब टीम की कमान दी गयी थी, तो उस वक्त वे 27 वर्ष के थे. धौनी ने टीम की कप्तानी 2008 में संभाली थी, जबकि कोहली को यह जिम्मेदारी 2014 में मिली है, जबकिन वह 26 वर्ष के हैं. दोनों ही खिलाड़ी को युवावस्था में कप्तानी मिली और संभव है कि कोहली धौनी को भी मात दे दें.

धौनी और कोहली एक दूसरे का करते हैं सम्मान : विराट कोहली अब तक टीम के उपकप्तान थे. बीसीसीआई सचिव संजय पटेल के अनुसार धौनी ने ही टीम में उप कप्तान नियुक्त करने की बात कही थी. इसलिए दोनों के बीच संबंध मधुर हैं और दोनों एक दूसरे का सम्मान करते हैं, यह स्थिति किसी भी टीम के लिए आदर्श है. इस आदर्श स्थिति में भारतीय क्रिकेट का सितारा चमकेगा इसमें कोई राय नहीं है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola