Australia vs Netherlands : विश्वकप के अहम मुकाबले में आज कंगारुओं की नीदरलैंड के साथ भिड़ंत
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 25 Oct 2023 2:23 PM
ऑस्ट्रेलिया की टीम बल्लेबाजी के लिए पहुंच गई है. इन्होंने अपने प्लेइंग इलेवन में मार्कस स्टोइनिस की जगह कैमरून ग्रीन को मौका दिया है. वहीं नीदरलैंड की टीम अपनी उसी प्लेइंग इलेवन के साथ खेल रही है. टाॅस जीतने के बाद पैट कमिंस ने कहा कि यहां पिच अच्छी नजर आ रही है, हम चेज करने की बजाय टारगेट देंगे.
Australia vs Netherlands : आईसीसी विश्वकप के 24वें मैच में आज ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला नीदरलैंड की टीम से हो रहा है. ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मैच खेला जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने नीदरलैंड के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. ऑस्ट्रेलिया अभी प्वाइंट टेबल में चौथे नंबर पर है. कंगारुओं के सामने नीदरलैंड्स की टीम बहुत ही कमजोर है, लेकिन एक उलटफेर की वजह से उसके खेल के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट कहना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है. नीदरलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 38 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था.
ऑस्ट्रेलिया की टीम बल्लेबाजी के लिए पहुंच गई है. इन्होंने अपने प्लेइंग इलेवन में मार्कस स्टोइनिस की जगह कैमरून ग्रीन को मौका दिया है. वहीं नीदरलैंड की टीम अपनी उसी प्लेइंग इलेवन के साथ खेल रही है. टाॅस जीतने के बाद पैट कमिंस ने कहा कि यहां पिच अच्छी नजर आ रही है, हम चेज करने की बजाय टारगेट देंगे. टीम ने अभी जिस तरह का मैच पिछले कुछ मैच में दिखाया है उससे हम खुश हैं. वहीं नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि हम पहले गेंदबाजी करना चाह रहे थे. टीम अच्छी स्थिति में है, हमने अच्छी क्रिकेट खेली है लेकिन हम उसे और सुधारना चाहेंगे. लड़के अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे.
नीदरलैंड्स (प्लेइंग इलेवन): विक्रमजीत सिंह, मैक्स ओ’डॉउड, कॉलिन एकरमैन, बास डी लीडे, तेजा निदामानुरु, स्कॉट एडवर्ड्स (विकेटकीपर/कप्तान), साइब्रैंड एंगेलब्रेक्ट, लोगान वैन बीक, रूलोफ वैन डेर मेरवे, आर्यन दत्त, पॉल वैन मीकेरेन
ऑस्ट्रेलिया (प्लेइंग इलेवन): डेविड वार्नर, मिशेल मार्श, स्टीवन स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, जोश इंग्लिस (डब्ल्यू), ग्लेन मैक्सवेल, कैमरून ग्रीन, पैट कमिंस (सी), मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, एडम जम्पा
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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