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Vishwakarma Puja 2024: सितंबर माह में मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा, यहां जान लें पूजा विधि

Updated at : 27 Aug 2024 6:30 PM (IST)
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Vishwakarma Puja 2024: इस दिन मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा

Vishwakarma Puja 2024: इस दिन मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा

Vishwakarma Puja 2024: विश्वकर्मा पूजा का त्योहार हर साल 17 सितंबर को मनाया जाता है. भगवान विश्वकर्मा को इस संसार का पहला वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माना जाता है. यहां जानें विश्वकर्मा पूजा कि विधि

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Vishwakarma Puja 2024: विश्वकर्मा दिवस या विश्वकर्मा जयंती या विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है. भगवान विश्वकर्मा को इस संसार का पहला शिल्पकार, वास्तुकार और इंजीनियर माना गया है. उन्होंने द्वारका की पवित्र नगरी बनाई जिस पर कृष्ण का शासन था. भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए कई हथियार भी बनाए. आइए जानें सितंबर माह में विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जाएगी

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इस साल 2024 में विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जाएगी ?

सृष्टि की रचना करने वाले भगवान विश्वकर्मा जयंती हर साल 17 सितंबर को मनाई जाती है.भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का सृजनकर्ता और प्रथम शिल्पकार के रूप में जाना जाता है. माना जाता है कि ब्रह्माजी के कहने पर विश्वकर्मा ने दुनिया बनाई थी.

विश्वकर्मा पूजा 2024 की पूजा विधि क्या है ?

सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहन लें.

फिर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करें.

पूजा में हल्दी, अक्षत, फूल, पान, लौंग, सुपारी, मिठाई, फल, दीप और रक्षासूत्र शामिल करें.

पूजा में घर में रखा लोहे का सामान और मशीनों को शामिल करें.

पूजा करने वाली चीजों पर हल्दी और चावल लगाएं.

इसके बाद पूजा में रखे कलश को हल्दी लगा कर रक्षासूत्र जरूर बांधे.

इसके बाद पूजा शुरु करें और मंत्रों का उच्चारण भी करें.

पूजा खत्म होने के बाद लोगों में प्रसाद बांट दें.

विश्वकर्मा पूजा सामग्री

सुपारी, रोली, पीला अष्टगंध चंदन, हल्दी, लौंग, मौली, लकड़ी की चौकी, पीला कपड़ा, मिट्‌टी का कलश, नवग्रह समिधा, जनेऊ, इलायची, इत्र, सूखा गोला, जटा वाला नारियल, धूपबत्ती, अक्षत, धूप, फल, मिठाई, बत्ती, कपूर, देसी घी, हवन कुण्ड, आम की लकड़ी, दही, फूल पूजन सामग्री में शामिल करें.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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