Vaishakh Month 2024 Start: वैशाख मास में अक्षत तृतीया, मोहिनी एकादशी कब है? देखें व्रत-त्योहारों की लिस्ट

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Vaishakh Month 2024 Start

Vaishakh Month 2024 Start

Vaishakh Month 2024 Start: वैशाख महीने में गर्मी तीव्र होती है. ऐसे में तेल से तली भुनी चीजों को खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं रहता है. इस दौरान समस्ता देवी-देवता भी जल में निवास करते हैं.

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Vaishakh Month 2024 Start: हिंदू नववर्ष के पहला महीना चैत्र मास का समापन हो गया. अब हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना वैशाख की शुरुआत हो गई. वैशाख मास भगवान विष्णु को समर्पित है. इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करना काफी शुभ होता है, इसके अलावा देवी और परशुराम की पूजा करना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह महिना 27 नक्षत्रों में से एक विशाखा नक्षत्र से संबंधित है. विशाखा नक्षत्र से संबंधित होने के कारण इस महीने को वैशाख मास के नाम से जाना जाता हैं.

वैशाख मास 2024 कब से शुरू हो रहा है ?

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास पूर्णिमा के अगले दिन यानी 24 अप्रैल से वैशाख माह आरंभ हो जाएगा, जो वैशाख पूर्णिमा 23 मई को समाप्त होगा. इस महीने में आध्यात्म, जनसेवा, संयम, अहिंसा और स्वाधाय करने से कभी नहीं खत्म होने वाला पुण्य मिलता है. स्कंद पुराण में वैशाख मास को पुण्यार्जन मास की संज्ञा देते हुए ‘माधव मास’ कहा गया है, जो कृष्ण का ही एक नाम है. इस महीने में स्नान-दान करने से कई प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

वैशाख मास में धार्मिक महत्व क्या है?

वैशाख महीने में गर्मी तीव्र होती है. ऐसे में तेल से तली भुनी चीजों को खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं रहता है. इस दौरान समस्ता देवी-देवता भी जल में निवास करते हैं. ऐसे में वैशाख माह में जो प्याऊ लगवाता है, वह देवता, ऋषि एवं पितरों सबको तृप्त करता है. धार्मिक मान्यता है कि इस माह में किसी एक भी व्यक्ति को जल पिला दें तो वह ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव को भी प्रसन्न करने वाला होता है. इससे कुंडली में सूर्य, गुरु मजबूत होते हैं और सुख-समृद्धि, धन का कभी अभाव नहीं रहता है.

वैशाख मास में क्या-क्या दान करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास में जल पात्र, कपड़े, आम, जलदान, सत्तू, पादुका, हवा के लिए पंखे, छाया व्यवस्था, अन्न और फल आदि का दान जरूर करना चाहिए. इन चीजों का दान करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में खुशहाली आती है और अक्षय फलों की प्राप्ति होती है.

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वैशाख महीने का कैलेंडर 2024

24 अप्रैल 2024 दिन बुधवार से वैशाख मास शुरू
27 अप्रैल 2024 दिन शनिवार को विकट संकष्टी चतुर्थी
2 मई 2024 दिन गुरुवार से पंचक शुरू
4 मई 2024 दिन शनिवार को वरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती
5 मई 2024 दिन रविवार को प्रदोष व्रत (कृष्ण)
6 मई 2024 दिन सोमवार को मासिक शिवरात्रि
8 मई 2024 दिन मंगलवार को वैशाख अमावस्या, टैगोर जयंती
10 मई 2024 दिन बुधवार को अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती
11 मई 2024 दिन गुरुवार को विनायक चतुर्थी
12 मई 2024 दिन शुक्रवार को शंकराचार्य जयंती, रामानुज जयंती
14 मई 2024 दिन मंगलवार को वृष संक्रांति, गंगा सप्तमी
15 मई 2024 दिन बुधवार को बगलामुखी जयंती
17 मई 2024 दिन शुक्रवार को सीता नवमी
19 मई 2024 दिन रविवार को मोहिनी एकादशी
20 मई 2024 दिन सोमवार को प्रदोष व्रत (शुक्ल)
22 मई 2024 दिन बुधवार को नरसिंह जयंती, छिन्नमस्ता जयंती
23 मई 2024 दिन गुरुवार को वैशाख पूर्णिमा व्रत, बुद्ध पूर्णिमा

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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Frequently Asked Questions

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास पूर्णिमा के अगले दिन यानी 24 अप्रैल से वैशाख माह आरंभ हो जाएगा, जो वैशाख पूर्णिमा 23 मई को समाप्त होगा. इस महीने में आध्यात्म, जनसेवा, संयम, अहिंसा और स्वाधाय करने से कभी नहीं खत्म होने वाला पुण्य मिलता है. स्कंद पुराण में वैशाख मास को पुण्यार्जन मास की संज्ञा देते हुए 'माधव मास' कहा गया है, जो कृष्ण का ही एक नाम है. इस महीने में स्नान-दान करने से कई प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है.