एक दर्शन और काल सर्प दोष से मुक्ति, त्र्यंबकेश्वर की अद्भुत कथा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Feb 2026 8:28 AM

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त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से कैसे मिलती है कालसर्प दोष से मुक्ति

Trimbakeshwar Jyotirlinga: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का दसवां ज्योतिर्लिंग है. यहां दर्शन से कालसर्प दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, जानें इसकी पौराणिक कथा और महत्व.

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Trimbakeshwar Jyotirlinga: भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध है. इसे ज्योतिर्लिंगों में दसवां स्थान प्राप्त है. यह मंदिर महाराष्ट्र के नासिक शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर, गोदावरी नदी के तट पर स्थित है. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां दर्शन करता है, भगवान शिव उसके सभी दुख और कष्ट दूर कर देते हैं.

त्र्यंबकेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व बहुत बड़ा है. यह न केवल शिवभक्तों के लिए, बल्कि ज्योतिष और कर्मकांड में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए भी विशेष स्थान रखता है.

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मगिरी पर्वत पर ऋषि गौतम अपनी पत्नी देवी अहिल्या के साथ रहते थे. उनकी तपस्या और पुण्य कर्मों से अन्य ऋषि उनसे ईर्ष्या करने लगे. ईर्ष्यावश कुछ ऋषियों ने उन पर गौहत्या का झूठा आरोप लगा दिया.

इस पाप से मुक्त होने के लिए ऋषि गौतम ने प्रायश्चित करना चाहा. अन्य ऋषियों ने उनसे कहा कि यदि वे गंगा नदी को इस स्थान पर ले आएं, तो उनका पाप समाप्त हो जाएगा. तब ऋषि गौतम ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या शुरू की.

तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव माता पार्वती के साथ प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा. ऋषि गौतम ने गंगा माता को इस स्थान पर लाने की प्रार्थना की. गंगा ने शर्त रखी कि वे तभी यहां आएंगी जब भगवान शिव स्वयं इस स्थान पर निवास करेंगे. तभी भगवान शिव त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां विराजमान हुए और गंगा नदी यहां प्रकट हुई, जिसे आगे चलकर गौतमी या गोदावरी नदी कहा गया.

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषताएं

त्र्यंबकेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां तीन शिवलिंग स्थापित हैं. इन तीनों शिवलिंगों को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि यह मंदिर त्रिदेव की एकता का प्रतीक भी है.

मंदिर के आसपास तीन प्रमुख पर्वत हैं—

  • ब्रह्मगिरी पर्वत, जिसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है
  • नीलगिरी पर्वत, जहां नीलाम्बिका देवी और दत्तात्रेय गुरु का मंदिर स्थित है
  • गंगा द्वार पर्वत, जहां देवी गोदावरी का मंदिर है
  • इसके अलावा, त्र्यंबकेश्वर मंदिर कालसर्प दोष और पितृ दोष निवारण के लिए भी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां विधि-विधान से पूजा करने पर ये दोष समाप्त हो जाते हैं.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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