14.4 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Sakat Chauth 2026: सकट चतुर्थी और माही-तिलकुटा चौथ कब है? जानें सही तिथि, पूजा विधि और संपूर्ण सामग्री लिस्ट

Sakat Chauth 2026: सकट चौथ पर भगवान गणेश की पूजा में तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसे 'तिलकुट' भी कहा जाता है. इस दिन गणेश जी की आराधना करने से संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं.

Sakat Chauth 2026: माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. सकट चौथ का व्रत संतान की सुरक्षा और परिवार की सुख-शांति के लिए रखा जाता है. इस साल सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी दिन मंगलवार को रखा जाएगा. इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें तिलकुट का भोग लगाया जाता है. सकट चतुर्थी को वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और तिलकुटा चौथ भी कहते हैं. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से सकट चतुर्थी व्रत से जुड़ी पूरी जानकारी

Sakat Chauth 2026: सकट चतुर्थी व्रत मुहूर्त

  • माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि प्रारंभ 6 जनवरी 2026 दिन मंगलवार की सुबह 8 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी.
  • माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि का समापन 7 जनवरी 2026 दिन बुधवार की सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी.
  • सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 54 मिनट पर होगा.
  • चंद्रोदय तिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 दिन मंगलवार को रखा जाएगा.

Sakat Chauth ki Puja Vidhi: सकट चौथ व्रत पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.
  • शाम के समय एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें.
  • गणेश जी को पीले वस्त्र धारण करा कर, धूप, घी, लाल रोली, कलावा, फूल अर्पित करें
  • गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठें चढ़ाएं. दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय है.
  • तिल और गुड़ से बना तिलकुट का भोग लगाएं और मोदक या फल भी चढ़ाएं.
  • घी का दीपक जलाकर गणेश जी की आरती करें.
  • सकट चौथ की व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें. बिना कथा के पूजा अधूरी मानी जाती है.

Sakat Chauth Arghya Vidhi: चंद्रोदय और अर्घ्य के नियम

सकट चौथ का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही संपन्न होता है. सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. भगवान श्रीगणेश के पूजन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, और चंद्र देव से घर-परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है. रात में चंद्र उदय होने के बाद लोटे में जल, दूध, तिल और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. चंद्रमा को देखते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अर्घ्य देने के बाद ही तिलकुट का प्रसाद खाकर व्रत खोलें.

Sakat Chauth Puja Samagri List: सकट चौथ व्रत पूजन सामग्री

  • भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
  • पूजा के लिए तांबे या मिट्टी का कलश और एक लोटा जल
  • लकड़ी की चौकी और उस पर बिछाने के लिए लाल या पीला कपड़ा
  • तिल और गुड़ से बना तिलकुट, मोदक और मौसमी फल
  • रोली, सिंदूर, हल्दी, चंदन, इत्र, अबीर, गुलाल और अक्षत
  • गणेश जी को प्रिय 21 दूर्वा की गांठें
  • दूध, दही, घी, शहद और चीनी का मिश्रण पंचामृत

आरती और दीप सामग्री

  • गाय का शुद्ध घी और दीपक
  • धूपबत्ती, अगरबत्ती और कपूर
  • रुई की बत्ती और माचिस
  • कलावा, सुपारी, पान का पत्ता, लौंग और इलायची

चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +91 8620920581

Also Read: Sakat Chauth 2026: सकट चौथ व्रत कब है? जानें ज्योतिषाचार्य से पूजा विधि, व्रत नियम, पूजन सामग्री और सबकुछ

Radheshyam Kushwaha
Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel