रोजा इफ्तार में खजूर खाने की खास वजह, जानिए इसका धार्मिक महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Mar 2025 7:40 AM

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Ramadan 2025 importance of dates

Ramadan 2025: रमजान के महीने में अधिकांश मुस्लिम समुदाय 30 दिनों तक उपवास रखते हैं. दिनभर वे पानी का भी सेवन नहीं करते, लेकिन शाम के समय रोजा इफ्तार करते हैं. इस प्रक्रिया में खजूर का विशेष महत्व होता है, जिसे इस्लाम में सुन्नत के रूप में स्वीकार किया गया है. उपवास को खजूर खाकर ही खोला जाता है.

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Ramadan 2025: रमजान का पवित्र महीना 2 मार्च से शुरू हो चुका है. इस्लाम धर्म के लिए यह महीना बेहद खास होता है. कई लोग इस महीने में रोजा रखते हैं.रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक क बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं और इफ्तार के समय रोजा खोलते हैं.

इफ्तार की शुरुआत प्रायः खजूर से होती है. यह परंपरा न केवल स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके पीछे कई धार्मिक कारण भी विद्यमान हैं. आइए समझते हैं कि रोजा खोलने के लिए सबसे पहले खजूर का सेवन क्यों किया जाता है.

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रमजान के महीने में इफ्तार के समय सबसे पहले खजूर खाने की परंपरा पैगंबर मुहम्मद से संबंधित है. हदीस में उल्लेख है कि वह रोजा खोलने के लिए खजूर का सेवन करते थे. यदि खजूर उपलब्ध नहीं होती, तो वह पानी से रोजा खोलते थे.

खजूर का धार्मिक महत्व

  • इस्लाम में खजूर को एक पवित्र और बरकत वाली चीज माना गया है.
  • यह कुरआन और हदीस में कई बार उल्लेखित हुआ है.
  • खजूर का सेवन करने से रोजेदार को रोजा खोलने का पुण्य मिलता है और यह इबादत का हिस्सा माना जाता है.

खजूर की विभिन्न प्रजातियों की बात करें तो लगभग 200 प्रकार के खजूर विश्वभर में पाए जाते हैं. हालांकि, रमजान के महीने में रोजेदार इफ्तार के लिए विशेष प्रकार के खजूर खरीदने और उन्हें खाने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण इनकी कीमतें बाजार में बढ़ जाती हैं. इन 200 प्रजातियों में से कुछ खजूरों की मांग अधिक है, जिनमें अजवा खजूर को विशेष महत्व दिया जाता है. यह खजूर धार्मिक प्रतीक के रूप में भी माना जाता है, जिसके कारण इसकी मांग मुस्लिम समुदाय में अधिक होती है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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