Pradosh Vrat 2026: विवाह में हो रही है देरी, नहीं मिल रहा मनचाहा वर? प्रदोष व्रत के दिन करें मां पार्वती के इन मंत्रों का जाप

Updated at : 30 Jan 2026 8:57 AM (IST)
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Pradosh Vrat 2026: विवाह में हो रही है देरी, नहीं मिल रहा मनचाहा वर? प्रदोष व्रत के दिन करें मां पार्वती के इन मंत्रों का जाप

माता पार्वती के मंत्र (सोशल मीडिया ‘X’ से ली गई तस्वीर)

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत के दिन केवल भगवान शिव की ही आराधना नहीं की जाती, बल्कि इस दिन माता पार्वती की पूजा भी की जाती है. यदि आपके विवाह में समस्या आ रही है या आत्मविश्वास की कमी है, तो ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन माता पार्वती के खास मंत्रों का जाप अवश्य करें.

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Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को संकटों को हरने वाला और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला एक पवित्र व्रत माना जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस पावन तिथि पर जो भक्त महादेव के साथ जगजननी पार्वती की आराधना करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता, रोग और अशांति का नाश हो जाता है. माता पार्वती करुणा और सौभाग्य की देवी हैं. इस दिन माता पार्वती के मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि माता के विशेष मंत्रों का जाप न केवल वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है, बल्कि साधक को आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति से भी भर देता है.

1. माता पार्वती के सरल मंत्र

मंत्र:
ॐ गौर्यै नमः
ह्रीं गौर्यै नमः
ॐ पार्वत्यै नमः

महत्व: ये माता पार्वती के सबसे सरल मंत्र हैं. माता के गौर (उज्ज्वल) स्वरूप की वंदना, पूजा और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इन मंत्रों का जाप किया जाता है.

2. भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त मंत्र

मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः

महत्व: इस मंत्र का जाप भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करते समय किया जाता है. माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और समाज में मान-सम्मान की वृद्धि होती है.

मंत्र: ॐ साम्ब शिवाय नमः

महत्व: यदि विवाह में दिक्कतें आ रही हों, तो ऐसे में इस मंत्र का जाप बेहद लाभदायक माना जाता है. मान्यता है कि इसके उच्चारण से विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

3. शीघ्र विवाह हेतु स्वयंवर पार्वती मंत्र

मंत्र:

ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकारी,
सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः॥

महत्व: माना जाता है कि यह मंत्र माता पार्वती को ऋषि दुर्वासा से प्राप्त हुआ था. इसी मंत्र के प्रभाव से उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था. यह मंत्र विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करता है और आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. यदि किसी महिला के विवाह में देरी हो रही हो, तो उसे इस मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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