Pitru Paksha Mela 2024: गया में पितृपक्ष मेला शुरू, जानें क्यों है ये खास
Published by : Shaurya Punj Updated At : 18 Sep 2024 11:12 AM
Pitru Paksha Mela 2024
Pitru Paksha Mela 2024: गया के पितृ पक्ष मेले कि शुरूआत हो चुकी है. ऐसा माना जाता है कि जो लोग ये अनुष्ठान करते हैं, उन्हें ‘पितृ दोष’ से मुक्ति मिलती है और उनके पूर्वजों को जन्म तथा मृत्यु के चक्र से ‘मुक्ति’ मिलती है एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है.
Pitru Paksha Mela 2024: पितृ पक्ष 2024 शुरू हो चुका है. आज 18 सितंबर से लेकर ये 2 अक्टूबर तक चलने वाला है. पितृ पक्ष हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो आमतौर पर सितंबर-अक्टूबर के महीने में मनाया जाता है. इसे “श्राद्ध पक्ष” भी कहा जाता है.
गया के पितृपक्ष मेला का महत्व क्या है ?
गया का पितृपक्ष मेला भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध करते हैं. यह मेला हर साल सितंबर से अक्टूबर के बीच आता है और विशेष रूप से गया शहर में आयोजित होता है. इस समय लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, ताकि वे अपने परिवार के पूर्वजों के लिए पिंड दान और अन्य धार्मिक क्रियाएं कर सकें. गया का माहात्म्य धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, और इसे “पितृों का तीर्थ” भी कहा जाता है. यदि आप गए हैं या जाने का मन बना रहे हैं, तो वहाँ का माहौल, विशेषत: श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह, बहुत ही अद्भुत होता है.
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15 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों द्वारा पिंडदान किए जाने की उम्मीद
अधिकारियों ने बताया कि विष्णुपद मंदिर में होने वाले मेले में देश भर से 15 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों द्वारा अपने पितरों का ‘पिंडदान’ किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को मंत्री विजय कुमार चौधरी, प्रेम कुमार और संतोष कुमार सुमन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जयसवाल की उपस्थिति में इस 16 दिवसीय मेले का उद्घाटन किया.
पितृ पक्ष के दौरान, दुनिया भर से हिंदू गया क्षेत्र में फल्गु नदी के तट पर विष्णुपद मंदिर में अपने पूर्वजों के लिए ‘पिंड दान’ करने के लिए इकट्ठा होते हैं. अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए गांधी मैदान में अन्य व्यवस्थाओं के अलावा टेंट भी लगाए हैं. उन्होंने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में लोगों के आने को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
पितृपक्ष को लेकर क्या है मान्यता
मान्यता है कि इस समय पूर्वजों की आत्माएं धरती पर आती हैं, और उन्हें श्रद्धा के साथ भोजन अर्पित किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि जो लोग ये अनुष्ठान करते हैं, उन्हें ‘पितृ दोष’ से मुक्ति मिलती है और उनके पूर्वजों को जन्म तथा मृत्यु के चक्र से ‘मुक्ति’ मिलती है एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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