विष्णु के अवतार होकर भी क्यों नहीं होती परशुराम जी की व्यापक पूजा

Updated at : 26 Apr 2025 2:25 PM (IST)
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Parshuram Jayanti 2025

Parshuram Jayanti 2025

Parshuram Jayanti 2025: परशुराम जी ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र थे. वह भगवान शिव के अति भक्त थे और उन्होंने शिक्षा व युद्ध कला की दीक्षा महादेव से प्राप्त की थी. परशुराम जी का बचपन का नाम राम था, लेकिन भगवान शिव द्वारा उन्हें परशु नामक एक अस्त्र प्रदान किए जाने के कारण वे परशुराम के नाम से प्रसिद्ध हुए.

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Parshuram Jayanti 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के साथ परशुराम जयंती मनाई जाती है. यह ध्यान देने योग्य है कि भगवान परशुराम विष्णु जी के छठे अवतार माने जाते हैं. उनका जन्म प्रदोष काल में हुआ था. परशुराम के बारे में सतयुग से लेकर कलयुग तक अनेक कथाएं प्रचलित हैं. इसके अलावा, यह मान्यता है कि कलयुग में उपस्थित 8 चिरंजीवी में से एक परशुराम जी हैं, जो आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं.

कब है परशुराम जयंती

इस वर्ष 2025 में परशुराम जयंती 29 अप्रैल को मनाई जाएगी. भगवान शिव के महान भक्त परशुराम जी के सम्मान में इस दिन भव्य शोभा यात्राएं आयोजित की जाएंगी. इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा. परशुराम जयंती 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट समाप्त होगी.

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इसलिए नहीं होती परशुराम जी की पारंपरिक पूजा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु के अन्य अवतार जैसे श्रीराम और श्रीकृष्ण अब इस पृथ्वी पर उपस्थित नहीं हैं, इसलिए उनकी पूजा मूर्ति रूप में की जाती है. वहीं, परशुराम जी को अमर माना गया है और ऐसी मान्यता है कि वे आज भी धरती पर विद्यमान हैं. इसी कारण उनकी पारंपरिक पूजा नहीं की जाती, बल्कि उनका आवाहन किया जाता है. कहा जाता है कि साधक योग और ध्यान के माध्यम से परशुराम जी का आवाहन करते हैं, जिससे उन्हें पराक्रम, साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है.

परशुराम जयंती 2025 शुभ योग

परशुराम जयंती 2025 के शुभ अवसर पर सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है. यह योग दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. इसके साथ त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है. इन योगों में भगवान परशुराम की पूजा करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होंगी. इसके अतिरिक्त, साधक पर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करेंगे.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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