Shani Dev को क्यों अर्पित करते हैं सरसों का तेल, जानिए धार्मिक कारण

Published by : Shaurya Punj Updated At : 26 Apr 2025 1:40 PM

विज्ञापन

know why you should offer mustard oil to Lord Shani Dev

Shani Dev: सरसों के तेल चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई. शनिदेव का रंग काला माना जाता है, और चूंकि सरसों का तेल भी काले रंग का होता है, इसलिए शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित किया जाता है.

विज्ञापन

Shani Dev: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे कठोर ग्रह माना जाता है. कहा जाता है कि यदि शनि की नकारात्मक दृष्टि किसी व्यक्ति पर पड़ जाए, तो उसका सम्पूर्ण जीवन दुखों से भर जाता है. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या किसी भी व्यक्ति के जीवन को नष्ट कर सकती है. इसलिए, शनि देव को प्रसन्न करने के लिए लोग विभिन्न उपाय करते हैं. कुछ लोग शनिवार को उन्हें सरसों का तेल अर्पित करते हैं, जबकि अन्य दीपक जलाते हैं. आइए, आज हम आपको शनि की नकारात्मक दृष्टि का रहस्य और तेल अर्पित करने या दीपक जलाने के महत्व के बारे में बताते हैं.

जानें पौराणिक कहानी

धार्मिक कथाओं के अनुसार, एक बार शनिदेव को अपनी शक्तियों पर गर्व हो गया था और उन्हें यह विश्वास हो गया था कि पूरे ब्रह्मांड में उनसे अधिक शक्तिशाली कोई नहीं है. उसी समय हनुमानजी की प्रसिद्धि भी तेजी से बढ़ रही थी. बजरंगबली के चमत्कारों को देखकर सभी लोग आश्चर्यचकित थे और उनकी वीरता की कहानियां गा रहे थे. यह सब देखकर शनिदेव को बहुत क्रोध आया और उन्हें लगा कि उनसे अधिक शक्तिशाली और कौन हो सकता है.

Akshaya Tritiya 2025 पर इन जगहों पर जरूर जलाएं दीपक

शनिदेव ने हनुमानजी को आमने-सामने की लड़ाई के लिए चुनौती दी और इस राम भक्त के पास युद्ध के लिए आए. जब शनिदेव ने हनुमानजी को ललकारा, उस समय वह अपने प्रभु श्रीराम की भक्ति में मग्न थे. उन्होंने शनिदेव को युद्ध न करने के लिए कई बार समझाया. लेकिन शनिदेव के न मानने पर दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ. इस युद्ध में जब शनिदेव गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अत्यधिक पीड़ा होने लगी, तो हनुमानजी ने युद्ध को रोककर उनके घाव पर सरसों का तेल लगाना प्रारंभ किया. इससे उन्हें राहत मिलने लगी और धीरे-धीरे शनिदेव का समस्त दर्द समाप्त हो गया. तब से सरसों का तेल शनिदेव की प्रिय वस्तुओं में से एक बन गया. शनिदेव ने कहा कि जो भी भक्त सच्चे मन से शनिदेव को तेल अर्पित करेगा, उसके जीवन से सभी कष्ट और संकट दूर होंगे. इस युद्ध के बाद से शनिदेव और हनुमानजी के बीच मित्रता स्थापित हो गई. इसलिए जो भी भक्त हनुमानजी की पूजा करते हैं, शनि उन्हें सभी कष्टों से मुक्त रखते हैं.

शनिवार को दीपक जलाने का महत्व

शनिवार को दीपक जलाने का कारण यह है कि शनि अंधकार के प्रतीक माने जाते हैं और सूर्यास्त के बाद उनकी शक्ति बढ़ जाती है. जब शनि खराब होते हैं, तो जीवन में अंधकार छा जाता है. ज्योतिष के अनुसार, शनिवार की शाम को दीपक जलाने से जीवन का अंधकार समाप्त होता है. इसलिए लोग शनि देव की पूजा में सरसों के तेल का दीपक अर्पित करते हैं, जिसे विशेष रूप से शनिवार की शाम को जलाना चाहिए.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola