Navratri 2025: पीरियड्स के समय क्या महिलाओं को करनी चाहिए माता की पूजा? जानें प्रेमानंद महाराज की राय

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Premanand Maharaj

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Navratri 2025: नवरात्रि पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस समय माता के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. माना जाता है कि जो भी भक्त इस समय सभी नियमों का पालन कर माता की पूजा करता है, उसके जीवन से सभी दुख और कष्ट दूर होते हैं और घर में समृद्धि आती है. लेकिन पूजा के समय यदि महिलाओं को पीरियड्स (मासिक धर्म) आ जाए तो उन्हें पूजा करनी चाहिए या नहीं, यह सवाल अक्सर महिलाओं के मन में उठता है. आइए, इस विषय में जानते हैं प्रेमानंद महाराज की राय.

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Navratri 2025:  22 सितंबर से शुरू हुआ नवरात्रि का महापर्व 2 अक्टूबर को समाप्त होगा. नवरात्रि के ये नौ पावन दिन माता दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं. नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से होती है, वहीं इसका समापन दशहरा के साथ होता है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से इन नौ दिनों तक माता आदिशक्ति की पूजा, हवन और कन्या पूजन विधि-विधान के साथ करता है, उस पर माता दुर्गा की कृपा होती है. पूजा के दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मां की उपासना करते हैं.

लेकिन नवरात्रि के दौरान यदि महिलाओं को पीरियड यानी मासिक धर्म आ जाए, तो इस समय क्या करना चाहिए, इसे लेकर कई महिलाओं के मन में सवाल उठते हैं. क्या पीरियड्स में माता की पूजा करनी चाहिए या बीच में छोड़ देना चाहिए, और यदि पूजा बीच में छोड़ी गई तो क्या पूजा पूरी मानी जाएगी? आइए, इस प्रश्न का उत्तर इस आर्टिकल के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं.

पीरियड्स में पूजा करनी चाहिए या नहीं? – प्रेमानंद महाराज की राय


प्रेमानंद महाराज का कहना है कि शास्त्रों में बताया गया है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ और किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि पीरियड्स के समय महिलाओं को पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए और न ही इस समय खाना बनाना, घर के भारी काम या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए. इस दौरान महिलाओं को केवल आराम करना चाहिए.

शास्त्रों में क्या कहा गया है?


गरुड़ पुराण और याज्ञवल्क्य स्मृति में बताया गया है कि मासिक धर्म के समय महिलाओं को आराम करना चाहिए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इस दौरान मंदिर या हवन कार्य में हिस्सा नहीं लेना चाहिए.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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