Navratri 2025: पीरियड्स के समय क्या महिलाओं को करनी चाहिए माता की पूजा? जानें प्रेमानंद महाराज की राय

Published by : Neha Kumari Updated At : 28 Sep 2025 2:31 PM

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Premanand Maharaj

Navratri 2025: नवरात्रि पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस समय माता के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. माना जाता है कि जो भी भक्त इस समय सभी नियमों का पालन कर माता की पूजा करता है, उसके जीवन से सभी दुख और कष्ट दूर होते हैं और घर में समृद्धि आती है. लेकिन पूजा के समय यदि महिलाओं को पीरियड्स (मासिक धर्म) आ जाए तो उन्हें पूजा करनी चाहिए या नहीं, यह सवाल अक्सर महिलाओं के मन में उठता है. आइए, इस विषय में जानते हैं प्रेमानंद महाराज की राय.

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Navratri 2025:  22 सितंबर से शुरू हुआ नवरात्रि का महापर्व 2 अक्टूबर को समाप्त होगा. नवरात्रि के ये नौ पावन दिन माता दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं. नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से होती है, वहीं इसका समापन दशहरा के साथ होता है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से इन नौ दिनों तक माता आदिशक्ति की पूजा, हवन और कन्या पूजन विधि-विधान के साथ करता है, उस पर माता दुर्गा की कृपा होती है. पूजा के दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मां की उपासना करते हैं.

लेकिन नवरात्रि के दौरान यदि महिलाओं को पीरियड यानी मासिक धर्म आ जाए, तो इस समय क्या करना चाहिए, इसे लेकर कई महिलाओं के मन में सवाल उठते हैं. क्या पीरियड्स में माता की पूजा करनी चाहिए या बीच में छोड़ देना चाहिए, और यदि पूजा बीच में छोड़ी गई तो क्या पूजा पूरी मानी जाएगी? आइए, इस प्रश्न का उत्तर इस आर्टिकल के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं.

पीरियड्स में पूजा करनी चाहिए या नहीं? – प्रेमानंद महाराज की राय


प्रेमानंद महाराज का कहना है कि शास्त्रों में बताया गया है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ और किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि पीरियड्स के समय महिलाओं को पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए और न ही इस समय खाना बनाना, घर के भारी काम या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए. इस दौरान महिलाओं को केवल आराम करना चाहिए.

शास्त्रों में क्या कहा गया है?


गरुड़ पुराण और याज्ञवल्क्य स्मृति में बताया गया है कि मासिक धर्म के समय महिलाओं को आराम करना चाहिए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इस दौरान मंदिर या हवन कार्य में हिस्सा नहीं लेना चाहिए.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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