होलिका दहन पर अग्नि फेरे क्यों लगाते हैं? जानें कारण

Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Feb 2026 12:28 PM

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होलिका दहन पर अग्नि के फेरों का महत्व

Holika Dahan 2026: होलिका दहन के समय अग्नि की परिक्रमा बुराई पर अच्छाई की जीत, नकारात्मकता से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है. जानें इसका धार्मिक महत्व.

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Holika Dahan 2026: होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. इस दिन लोग लकड़ियों का ढेर जलाकर अग्नि प्रज्वलित करते हैं और उसकी परिक्रमा करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अग्नि की परिक्रमा क्यों की जाती है? आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं.

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

होलिका दहन की कथा प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी है. मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद को जलाने के लिए होलिका अग्नि में बैठी थी, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जल गई. इसलिए अग्नि की परिक्रमा करना बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.

नकारात्मकता से मुक्ति की भावना

अग्नि को पवित्र और शुद्ध करने वाली शक्ति माना जाता है. जब लोग अग्नि की परिक्रमा करते हैं, तो वे यह संकल्प लेते हैं कि उनके जीवन की नकारात्मक ऊर्जा, रोग, दुख और कष्ट भी इसी अग्नि में भस्म हो जाएं. यह एक तरह से मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है.

सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना

ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नई फसल के दाने अग्नि में अर्पित करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती. परिक्रमा करते समय परिवार की खुशहाली और सुरक्षा की प्रार्थना भी की जाती है.

सामाजिक एकता का संदेश

होलिका दहन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है. लोग मिलकर अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हैं, जिससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है. होलिका दहन की अग्नि की परिक्रमा आस्था, शुद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है. यह हमें सिखाती है कि चाहे कितनी भी बड़ी बुराई क्यों न हो, अंत में सत्य और भक्ति की ही जीत होती है.

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होलिका दहन कब होगा

इस साल होलिका दहन 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. होलिका दहन करने का शुभ समय (मुहूर्त) 3 मार्च की शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इस समय के दौरान विधि-विधान से होलिका दहन करना शुभ माना जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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