शादियों में काला रंग, क्या सच में अशुभ या सिर्फ परंपरा?
Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Feb 2026 1:16 PM
हिंदू शादियों में क्यों करते हैं काले रंग से परहेज
Black Clothes in Wedding: शादियों में काले कपड़े पहनने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं. जानें धार्मिक दृष्टि, सांस्कृतिक बदलाव और फैशन ट्रेंड के कारण क्यों बढ़ रहा है काले रंग का चलन.
Black Clothes in Wedding: भारतीय परंपरा में काले रंग को लेकर अलग-अलग मान्यताएं रही हैं. पहले जहां शुभ कार्यों में काले रंग से परहेज किया जाता था, वहीं आजकल शादियों में काले कपड़े पहनने का चलन बढ़ गया है. खासकर रिसेप्शन, संगीत या कॉकटेल जैसे कार्यक्रमों में लोग काले परिधान पसंद करते हैं. आइए समझते हैं कि इसका धर्म और संस्कृति से क्या संबंध है.
काला रंग और धार्मिक मान्यताएं
हिंदू धर्म में काला रंग पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाता. दरअसल, काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला भी माना गया है. शनि देव को काला रंग प्रिय है और उनकी पूजा में काले वस्त्र, तिल या उड़द चढ़ाए जाते हैं. माना जाता है कि काला रंग बुरी नजर से बचाता है. इसी वजह से बच्चों को काला टीका भी लगाया जाता है.
इस दृष्टि से देखें तो शादी जैसे बड़े और शुभ अवसर पर काला रंग नजर दोष से सुरक्षा का प्रतीक भी बन सकता है.
आधुनिक शादियों में बदलती सोच
आजकल शादियां केवल पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि फैशन और स्टाइल का भी बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं. रिसेप्शन या शाम के कार्यक्रमों में काला रंग शाही और आकर्षक लुक देता है. धर्म में भी समय के साथ बदलाव को स्वीकार करने की परंपरा रही है, इसलिए लोग मुख्य वैवाहिक संस्कार (जैसे फेरे) में पारंपरिक रंग पहनते हैं, लेकिन अन्य कार्यक्रमों में काले कपड़े पहन लेते हैं.
काला रंग: शक्ति और गंभीरता का प्रतीक
धार्मिक दृष्टि से काला रंग शक्ति, स्थिरता और गहराई का प्रतीक भी माना जाता है. मां काली का स्वरूप भी शक्ति और संरक्षण का प्रतीक है. इससे यह समझ आता है कि काला रंग केवल अशुभ नहीं, बल्कि ऊर्जा और सामर्थ्य से भी जुड़ा है. शादी जैसे नए जीवन की शुरुआत के अवसर पर यह रंग आत्मविश्वास और मजबूती का संकेत दे सकता है.
सामाजिक और व्यावहारिक कारण
काला रंग हर रंग के साथ आसानी से मेल खा जाता है और पहनने वाले को आकर्षक दिखाता है. यह रंग औपचारिक अवसरों के लिए उपयुक्त माना जाता है. साथ ही, शाम के कार्यक्रमों में यह ज्यादा निखरकर सामने आता है.
शादियों में काला रंग पहनना पूरी तरह से गलत या अशुभ नहीं है. यह व्यक्ति की आस्था, परंपरा और परिवार की मान्यताओं पर निर्भर करता है. आज के समय में लोग धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए भी फैशन को अपनाते हैं. इसलिए काला रंग अब शादी समारोहों में स्टाइल और आत्मविश्वास का प्रतीक बनता जा रहा है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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