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फाल्गुन पूर्णिमा के दिन बन रहा है शुभ योग, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Updated at : 25 Feb 2026 10:04 AM (IST)
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Falgun Purnima 2026 rare yog

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन दुर्लभ योग का निर्माण

Falgun Purnima 2026: इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. जानें तिथि, स्नान-दान मुहूर्त, 50 मिनट का ब्रह्म मुहूर्त संयोग, शुभ योग और होलिका दहन का सही समय.

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Falgun Purnima 2026: पूर्णिमा व्रत के दिन चंद्र देव की पूजा की जाती है. इस दिन गंगा स्नान, जप-तप, दान-पुण्य और भगवान की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है. वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा. इसे दोल पूर्णिमा और वसंत पूर्णिमा भी कहा जाता है. इसी रात होलिका दहन का आयोजन भी होता है.

फाल्गुन पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे शुरू होगी और 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी. स्नान और दान का श्रेष्ठ समय प्रातः 5:05 बजे से 5:55 बजे तक रहेगा. इस समय पूजा-पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है. होलिका दहन का शुभ समय 3 मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से दुख दूर होते हैं और घर में धन, समृद्धि व स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है.

फाल्गुन पूर्णिमा के शुभ योग

ज्योतिष के अनुसार, इस दिन सुबह 10:25 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा, जो बहुत शुभ माना जाता है. इसके अलावा शिववास योग भी बन रहा है, जो शाम 5:07 बजे से प्रभावी होगा. इन शुभ योगों में लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से जीवन में सुख और सौभाग्य बढ़ता है. यह समय नए कार्यों की शुरुआत और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए भी अच्छा माना जाता है.

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फाल्गुन पूर्णिमा पर 50 मिनट का दुर्लभ संयोग

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सुबह 5:05 बजे से 5:55 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त का विशेष संयोग रहेगा. यह 50 मिनट का दुर्लभ समय अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दौरान गंगा स्नान कर या घर पर स्नान के बाद पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता है कि इस समय की गई साधना से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है.

फाल्गुन पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अवसर है. पूर्ण चंद्रमा की उजली रोशनी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में अंधकार के बाद प्रकाश अवश्य आता है. यदि सही मुहूर्त में श्रद्धा और नियम से पूजा की जाए, तो जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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