ePaper

Masik Kalashtami 2024: मासिक कालाष्टमी व्रत कब है? नोट कर लें सही डेट, शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और महत्व

Updated at : 26 Apr 2024 5:57 PM (IST)
विज्ञापन
Masik Kalashtami 2024

Masik Kalashtami 2024

Masik Kalashtami 2024: कालाष्टमी व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में खुशियां आती हैं और सुख-शांति का वास होता है. कालाष्टमी व्रत रखने से नकारात्मकता ऊर्जा हमेशा दूर रहती हैं और भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है.

विज्ञापन

Masik Kalashtami 2024: हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कालाष्टमी व्रत रखा जाता है. इस दिन भगावन शिव की रौद्र स्वरूप काल भैरव देव की पूजा करते है. कालभैरव को शिव का पांचवा अवतार माना गया है, इस बार 01 मई को कालाष्टमी है. बाबा काल भैरव की पूजा करने से तंत्र और मंत्र की सिद्धि होती है, इसके लिए काल भैरव की पूजा निशिता मुहूर्त में की जाती है. कालाष्टमी व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के संकट, दुख, क्लेश दूर हो जाते हैं. आइए जानते हैं वैशाख मास की कालाष्टमी व्रत कब रखा जाएगा, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है-

कब है मासिक कालाष्टमी व्रत 2024?

पंचांग के अनुसार वैशाख मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 01 मई को सुबह 05 बजकर 45 मिनट पर होगी. वहीं, अष्टमी तिथि का समापन 02 मई को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर होगा. मासिक कालाष्टमी का व्रत 1 मई को रखा जाएगा. इस दिन प्रदोष काल में पूजा करना सबसे शुभ साबित होगा.

कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि

कालाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म और स्नान आदि करने के बाद भगवान भैरव की पूजा-अर्चना करें.
भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती और भगवान गणेश की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
पूजा के दौरान घर के मंदिर में दीपक जलाएं, आरती करें और भगवान को भोग लगाएं.
भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का ही भोग लगाना चाहिए.

ALso Read: Varuthini Ekadashi 2024: वैशाख मास की पहली एकादशी व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और नियम

कालाष्टमी पूजा विधि

  • कालाष्टमी के दिन लोग कठोर उपवास रखते हैं.
  • भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान कालभैरव की पूजा का विधान है.
  • एक चौकी पर कालभैरव की प्रतिमा स्थापित करें.
  • विधि अनुसार भैरवबाबा की पूजा करें.
  • फूलों की माला अर्पित करें.
  • फल-मेवा, मिठाई आदि का भोग लगाएं.

भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • मासिक कालाष्टमी के दिन किसी भी तरह की नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.
  • कालाष्टमी के दिन भूलकर भी किसी से झूठ नहीं बोलना चाहिए.
  • इस दिन मांस मदिरा और हर प्रकार के नशे से दूरी बनानी चाहिए.

मासिक कालाष्टमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में खुशियां आती हैं और सुख-शांति का वास होता है. कालाष्टमी व्रत रखने से नकारात्मकता ऊर्जा हमेशा दूर रहती हैं और भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है.

ज्योतिष संबंधित चुनिंदा सवालों के जवाब प्रकाशित किए जाएंगे
यदि आपकी कोई ज्योतिषीय, आध्यात्मिक या गूढ़ जिज्ञासा हो, तो अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान के साथ कम शब्दों में अपना प्रश्न radheshyam.kushwaha@prabhatkhabar.in या WhatsApp No- 8109683217 पर भेजें. सब्जेक्ट लाइन में ‘प्रभात खबर डिजीटल’ जरूर लिखें. चुनिंदा सवालों के जवाब प्रभात खबर डिजीटल के धर्म सेक्शन में प्रकाशित किये जाएंगे.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola