Mahakumbh 2025: नए साल में इस दिन से होगी महाकुंभ की शुरूआत, इन 4 जगहों पर होता है कुंभ का आयोजन

Published by : Shaurya Punj Updated At : 28 Dec 2024 11:38 AM

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Mahakumbh 2025 starting Dates

Mahakumbh 2025: कुंभ मेले की संपूर्ण गणना देव गुरु बृहस्पति और सूर्य, जो ग्रहों के राजा हैं, की गति पर आधारित होती है. यह संसार का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और विशिष्ट मेला चार पवित्र स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है.

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Mahakumbh 2025: नए साल 2025 में महाकुंभ मेले का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से होने जा रहा है. यह कुंभ मेला पूरे 45 दिनों तक चलेगा. महाकुंभ मेला पौष पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा. महाकुंभ मेले का समापन 26 फरवरी को अंतिम शाही स्नान के दिन होगा. कुंभ मेले का पूरा गणित देव गुरु बृहस्पति और ग्रहों के राजा सूर्य की गति पर निर्भर करता है.इस संसार का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और अद्वितीय मेला कुंभ 4 पवित्र स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है.

आस्था के इस संगम में जो डुबकी लगाता है, उससे आत्मशुद्धि, मोक्ष प्राप्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने मौका मिलता है.कुंभ मेला 4 प्रकार का होता है- कुंभ, अर्द्धकुंभ, पूर्णकुंभ और महाकुंभ. समयावधि, धार्मिक महत्व और खगोलीय कारणों के आधार पर इनमें भिन्नता होती है. लोगों के बीच इसे समझने में काफी दुविधा रहती है.कुंभ मेला हर 12 वर्ष में होता है, जो चारों तीर्थ स्थलों पर बारी-बारी से आयोजित होता है.

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सूर्य, चंद्रमा और गुरु की विशिष्ट खगोलीय स्थिति से इसका आयोजन होता है. अर्द्धकुंभ मेला हर 6 वर्ष के अंतराल पर हरिद्वार और प्रयागराज में लगता है. पूर्णकुंभ मेला 12 साल में एक बार केवल प्रयागराज में लगता है.महाकुंभ 144 साल में सिर्फ एक ही बार लगता है, यह भी केवल प्रयागराज में होता है. यह अत्यंत दुर्लभ होता है, जो 12 पूर्णकुंभ के बाद आता है.

नए साल 2025 में लगने वाला कुंभ मेला भी पूर्ण कुंभ है.प्रयागराज महाकुंभ तब लगता है, तब गुरु वृषभ में और सूर्य मकर में होते हैं. नासिक महाकुंभ उस समय लगता है, जब गुरु और सूर्य दोनों ही सिंह राशि में होते हैं. नासिक महाकुंभ साल 2027 में लगेगा.हरिद्वार महाकुंभ तब होगा, जब गुरु ग्रह कुंभ में और सूर्य मेष राशि में हों. हरिद्वार महाकुंभ साल 2033 में लगेगा. उज्जैन महाकुंभ उस समय लगेगा, जब सूर्य मेष में और गुरु सिंह राशि में होते हैं. उज्जैन महाकुंभ साल 2028 में लगेगा.हर 12 वर्ष के अंतराल पर महाकुंभ का आयोजन होता है.

ज्योतिष के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति प्रत्येक राशि में यानी मेष से मीन तक गोचर करने में 12 साल का समय लगाते हैं. इस वजह से ही हर 12 साल पर महाकुंभ का आयोजन होता है. अमृत के लिए देवों और असुरों में 12 दिनों तक युद्ध हुआ था, जो मृत्यु लोक के 12 साल के बराबर होता है. समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश से कुछ बूंदें प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरी थीं, इसलिए इन 4 जगहों पर ही कुंभ का आयोजन है.

आचार्य ब्रजमोहन पांडेय (प्राचार्य)
श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरी वेद विद्यालय,
झूसी, प्रयागराज

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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