कल खत्म हो रहा खरमास, शुरू होंगे शुभ कार्य, गूंजेंगी शादी की शहनाइयां

Published by : Neha Kumari Updated At : 13 Apr 2026 2:38 PM

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रथ पर सवार सूर्य देव (एआई निर्मित तस्वीर)

Kharmas 2026: 15 मार्च को शुरू हुआ खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है. खरमास के दौरान जो भी शुभ कार्य रुक गए थे, वे दोबारा 15 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे.

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Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास को अशुभ अवधि माना गया है. यह लगभग एक महीने तक चलता है. इस दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत और जनेऊ समेत अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशि में गोचर करते हैं, तब खरमास लगता है.

सूर्य देव करेंगे मेष राशि में गोचर

14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘मेष संक्रांति’ कहा जाता है. इसी के साथ खरमास का समापन हो जाएगा और देशभर में एक बार फिर शादियों की धूम शुरू हो जाएगी. साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है. सूर्य को जीवन का आधार माना गया है. कहा जाता है कि जब सूर्य कमजोर रहता है, तब उस समय किए गए कार्यों पर अशुभ प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. लेकिन 14 अप्रैल की शाम को खरमास समाप्त होते ही 15 अप्रैल 2026 से सभी रुके हुए मांगलिक कार्य पूरे उत्साह के साथ शुरू किए जा सकेंगे.

विवाह के शुभ मुहूर्त की तिथियां

अप्रैल: 15, 20, 29
मई: 1, 4, 11, 13, 14
जून: 17, 24, 25, 27
जुलाई: 1, 2, 4, 15

पौराणिक कथा

भगवान सूर्य हमेशा अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्कर लगाते हैं, क्योंकि यदि वे रुक जाएं तो पूरी दुनिया थम जाएगी. लेकिन लगातार दौड़ते रहने की वजह से एक बार उनके घोड़े प्यास और थकान से बहुत व्याकुल हो गए. घोड़ों की हालत देखकर सूर्य देव का हृदय पिघल गया और उन्होंने उन्हें आराम देने का निर्णय लिया. वे रथ को एक तालाब के पास ले गए, लेकिन समस्या यह थी कि रथ को बिना किसी चालक के छोड़ा नहीं जा सकता था.

तभी उन्हें वहां दो गधे (खर) दिखाई दिए. सूर्य देव ने अपने घोड़ों को पानी पीने के लिए छोड़ दिया और उनकी जगह रथ में उन गधों को जोड़ दिया. गधे भला घोड़ों की गति का मुकाबला कैसे करते? इस वजह से रथ की गति धीमी हो गई और सूर्य का तेज भी कम हो गया.

गधों द्वारा रथ खींचे जाने के कारण ही इस एक महीने की अवधि को ‘खरमास’ कहा जाने लगा. जब एक महीने बाद घोड़ों की थकान दूर हो गई और वे वापस रथ में लौटे, तब सूर्य की गति फिर से तेज हुई और खरमास समाप्त हो गया.

यह भी पढ़ें: Kharmas 2026: आखिर क्यों लगता है खरमास? पौराणिक कथाओं में छिपा है इसका रहस्य

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लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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