Jitiya Vrat Katha: जितिया व्रत में क्यों सुनी जाती है चील और सियारिन की कथा, जानें इसके पीछे का छुपा हुआ धार्मिक महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 12 Sep 2025 10:53 AM

विज्ञापन

जितिया पर सुनें चील और सियारन की कथा

Jitiya Vrat Katha: हिन्दू धर्म में जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है. माताएं यह व्रत अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना से करती हैं. इस व्रत में चील और सियारिन की कथा सुनना अनिवार्य माना गया है, जो श्रद्धा, संयम और निष्ठा के महत्व को दर्शाती है.

विज्ञापन

Jitiya Vrat Katha: हिन्दू धर्म में जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष स्थान है. यह व्रत माताएं अपने बच्चों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना से करती हैं. इस व्रत के नियम अत्यंत कठिन होते हैं—महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और संध्या समय जीमूतवाहन देव की पूजा करती हैं. परंपरा के अनुसार, इस व्रत में चील और सियारिन की कथा सुनना आवश्यक माना जाता है.

चील और सियारिन का संकल्प

कथा के अनुसार, एक बार चील (गरुड़ पक्षी) और सियारिन (लोमड़ी) दोनों ने जितिया व्रत रखने का निश्चय किया. व्रत के दिन दोनों ने उपवास शुरू किया. चील ने पूरे नियम और संयम का पालन किया और बिना अन्न-जल ग्रहण किए संध्या तक व्रत निभाया. वहीं, सियारिन व्रत की कठिनाई सहन न कर सकी और बीच में ही मांस खा लिया.

धर्मराज का निर्णय

व्रत समाप्त होने के बाद धर्मराज प्रकट हुए और उन्होंने दोनों के आचरण के आधार पर फल सुनाया. उन्होंने कहा कि नियमपूर्वक व्रत करने वाली चील को ही इसका पुण्य मिलेगा, जबकि सियारिन को कोई फल प्राप्त नहीं होगा. परिणामस्वरूप, चील की संतान दीर्घायु और सुखी जीवन प्राप्त करती है, जबकि सियारिन की संतान अल्पायु और कष्टमय जीवन जीती है.

Jivitputrika Vrat 2025: जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले जाने पूजा के नियम

कथा से मिलने वाली सीख

यह कथा इस बात का प्रतीक है कि व्रत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ करना चाहिए. महिलाओं को यह संदेश मिलता है कि जैसे चील ने कठिन परिस्थितियों में भी व्रत नहीं तोड़ा, वैसे ही व्रती माताएं धैर्य और आस्था के साथ उपवास करें. तभी यह व्रत फलदायी माना जाता है और संतान को लंबी उम्र व सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.

कथा सुनने की परंपरा

इसी कारण जितिया व्रत में चील और सियारिन की कथा सुनना अनिवार्य माना गया है. यह परंपरा महिलाओं को धर्म, संयम और निष्ठा का महत्व समझाती है और उन्हें व्रत के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ती है.

जितिया व्रत कब है

इस वर्ष अष्टमी तिथि का आरंभ 14 सितंबर को प्रातः 05:04 बजे होगा और इसका समापन 15 सितंबर को सुबह 03:06 बजे होगा. शास्त्रों में उदयातिथि को विशेष महत्व दिया गया है. इसलिए माताएं 14 सितंबर को सूर्योदय से पहले जल और भोजन ग्रहण कर तैयार होती हैं और फिर सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक निर्जला व्रत करती हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola