होलाष्टक के 8 दिन क्यों रुक जाते हैं शादी-विवाह और मांगलिक कार्य? जानें वजह
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 22 Feb 2026 8:09 AM
होलाष्टक 2026
Holashtak 2026: होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होगा. इस दिन से आठ ग्रह उग्र हो जाते हैं, जिसके कारण शुभ कार्य नहीं किए जाते. यह अवधि अष्टमी से पूर्णिमा तक होती है, और हर दिन एक ग्रह उग्र रहता है.
Holashtak 2026: हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले होली के त्योहार से पहले होलाष्टक का पर्व आता है. यह पर्व होली से आठ दिन पहले शुरू होता है. इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत नहीं की जाती है. होलाष्टक के पीछे धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिषीय कारण शामिल हैं, इस समय कुछ सावधानियों का पालन करने की सलाह दी जाती है. आइए जानते है गोरखपुर के आचार्य विनोद त्रिपाठी से कि इस वर्ष होलाष्टक कब प्रारम्भ होगा?
होलाष्टक कब शुरू होगा?
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 2026 में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 24 फरवरी को सुबह 7 बजकर 01 मिनट से प्रारम्भ होगी. चूंकि होलाष्टक की शुरुआत अष्टमी तिथि से होती है, इसलिए इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होगा.
होलाष्टक में ग्रहों की स्थिति
होलाष्टक के दौरान आठ ग्रह उग्र हो जाते हैं, जिसके कारण शुभ कार्य नहीं किए जाते. यह अवधि अष्टमी से पूर्णिमा तक होती है, और हर दिन एक ग्रह उग्र रहता है. इस उग्रता का शुभ कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, अष्टमी को चन्द्रमा, नवमीं को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु उग्र होते हैं, इसलिए होलाष्टक के आठ दिनों में शुभ कार्य नहीं किए जाते.
होलाष्टक में शुभ कार्यों की मनाही
होलाष्टक के आठ दिनों को ज्योतिष शास्त्र में अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. क्योंकि इन दिनों ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिससे नए कार्यों में बाधा आ सकती है. हालांकि होलाष्टक में शुभ कार्यों की मनाही है, लेकिन इस दौरान देवताओं की पूजा और अर्चन की जा सकती है.
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By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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