खरमास कब से होगा शुरू, जानें क्या करें और क्या नहीं
Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Feb 2026 11:17 AM
खरमास कब शुरू होगा
Kharmas 2026: खरमास 15 मार्च 2026 से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, जबकि पूजा और दान शुभ फल देते हैं.
Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है. साल 2026 में खरमास मार्च महीने में शुरू होगा. इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य कुछ समय के लिए रोक दिए जाते हैं.
खरमास कब से शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार, 15 मार्च 2026, रविवार को दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य का गोचर मीन राशि में होगा. इसी समय से खरमास की शुरुआत मानी जाएगी. यह अवधि 14 अप्रैल 2026 को समाप्त होगी. लगभग एक महीने तक यह समय रहेगा.
खरमास में कौन से काम नहीं करने चाहिए?
- विवाह और सगाई – इस समय देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव कमजोर माना जाता है. विवाह के लिए गुरु का शुभ होना जरूरी होता है, इसलिए इस अवधि में शादियां और सगाई नहीं की जाती.
- गृह प्रवेश और मुंडन – नए घर में प्रवेश या बच्चों का मुंडन संस्कार भी इस समय नहीं किया जाता. मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है.
- जमीन या वाहन खरीदना – भूमि, मकान या नई गाड़ी खरीदने के लिए भी खरमास को शुभ नहीं माना जाता.
- नया व्यवसाय शुरू करना – किसी भी नए कारोबार की शुरुआत इस दौरान टालनी चाहिए.
खरमास अशुभ क्यों माना जाता है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं. जब घोड़े थक जाते हैं, तो वे गधों (खर) के साथ यात्रा करते हैं. गधों की गति धीमी होती है, इसलिए सूर्य का तेज कम हो जाता है. ज्योतिष के अनुसार भी जब सूर्य गुरु की राशि में होते हैं, तो गुरु की शुभता घटती है. मांगलिक कार्यों के लिए गुरु का मजबूत होना जरूरी माना गया है, इसलिए इस समय शुभ काम टाल दिए जाते हैं.
खरमास में क्या करना चाहिए?
यह समय पूजा-पाठ और दान के लिए अच्छा माना जाता है. भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की उपासना करना फलदायी होता है. ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करने से आत्मविश्वास और स्वास्थ्य में सुधार होता है. जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और गुड़ का दान करना भी शुभ माना गया है.
इस प्रकार, खरमास को संयम, साधना और सेवा का समय माना जाता है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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