अगले सप्ताह मनाई जाएगी गुरु गोविंद सिंह जयंती, जानें इसका धार्मिक महत्व

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Guru Gobind Singh Jayanti 2025

Guru Gobind Singh Jayanti 2025: पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गुरु गोविंद सिंह जयंती मनाई जाती है. गुरु गोविंद सिंह जी ने 1699 में वैशाखी के पावन पर्व पर खालसा पंथ की नींव रखी.इसी अवसर पर गुरु जी ने गुरु ग्रंथ साहिब को पूर्ण किया और इसे आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित किया.

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Guru Gobind Singh Jayanti 2025: हर वर्ष पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गुरु गोविंद सिंह जयंती का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन किया जाता है. साथ ही, इस दिन गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाओं और उपदेशों को स्मरण किया जाता है. यह ज्ञात हो कि गुरु गोविंद सिंह को सिख धर्म के दसवें गुरु के रूप में सम्मानित किया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 01 जनवरी, 1667 को हुआ, जबकि हिन्दू कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म विक्रम सम्वत 1723 में पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था.

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किस दिन है गुरु गोविंद सिंह जयंती

6 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जयंती का आयोजन किया जाएगा. विक्रम संवत के पंचांग के अनुसार, पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है. इस तिथि की शुरुआत 5 जनवरी को रात 8:15 बजे से होगी और इसका समापन 6 जनवरी की शाम 6:23 बजे होगा.

गुरु गोविंद सिंह जयंती का धार्मिक महत्व

सिख समुदाय में गुरु गोविंद सिंह की जयंती का अत्यधिक महत्व है. इस विशेष अवसर पर उनके अनुयायी उनके जीवन और शिक्षाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. गुरु गोविंद सिंह ने सिख धर्म को एक नई दिशा प्रदान की, जिसमें खालसा पंथ की स्थापना और 5 ककार को अनिवार्य बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं. उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता, साहस और आत्मनिर्भरता का संदेश फैलाया.

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