Sutak Kaal: बच्चे के जन्म के बाद पूजा-पाठ पर रोक क्यों? जानिए सूतक से जुड़ा कारण

Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Jul 2025 7:43 AM

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sutak after childbirth

Sutak Kaal: हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के बाद कुछ समय तक पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों पर रोक होती है, जिसे "सूतक" कहा जाता है. यह परंपरा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और शुद्धता से भी जुड़ी हुई है. आइए जानें इसका वास्तविक कारण.

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Sutak Kaal: हिंदू धर्म में परंपराओं और रीति-रिवाजों का गहरा महत्व है. इन्हीं परंपराओं में से एक है “सूतक” की मान्यता, जो बच्चे के जन्म या मृत्यु के बाद कुछ समय के लिए मानी जाती है. जब किसी घर में नवजात शिशु का जन्म होता है, तो कुछ दिनों तक पूजा-पाठ, मंदिर जाना, हवन या किसी धार्मिक क्रिया में भाग लेने से परहेज किया जाता है ऐसा क्यों किया जाता है? इसके पीछे क्या धार्मिक और सांस्कृतिक तर्क हैं? आइए इसे विस्तार से समझते हैं.

क्या होता है सूतक? 

सूतक को अपवित्रता की एक अवस्था माना गया है, जो किसी विशेष घटना — जैसे जन्म या मृत्यु — के बाद लगती है. शास्त्रों के अनुसार, नवजात शिशु के जन्म के समय एक विशेष प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिसे स्थिर और संतुलित बनाए रखने के लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी होता है. सूतक इन्हीं नियमों का एक हिस्सा है.

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पूजा-पाठ से परहेज क्यों? 

बच्चे के जन्म के समय माँ और शिशु दोनों बेहद संवेदनशील स्थिति में होते हैं.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय शरीर से निकलने वाले रक्त और अन्य जैविक प्रक्रियाएं वातावरण की पवित्रता को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में धार्मिक अनुष्ठानों से कुछ समय के लिए दूरी बनाना पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है.  

धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण 

धार्मिक नजरिए से सूतक एक शुद्धिकरण की प्रक्रिया है, जो घर और परिवार को आध्यात्मिक रूप से तैयार करती है. वहीं, वैज्ञानिक रूप से देखें तो यह समय मां और नवजात को विश्राम देने और संक्रमण से बचाने के लिए बहुत आवश्यक होता है. प्राचीन समय में जब सफाई और चिकित्सा की सुविधाएं सीमित थीं, तब यह नियम और भी ज्यादा जरूरी थे. 

सूतक केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि एक सामाजिक और स्वास्थ्य-संवेदनशील व्यवस्था भी है. यह मां और शिशु की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक शांति सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई एक संतुलित परंपरा है, जिसे आज भी श्रद्धा और समझदारी के साथ निभाया जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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