Atmaon Ka Khana:क्या आत्माएं भी भूखी होती हैं, जानिए प्रेतों का रहस्यमय भोजन क्या है

Edited by Shaurya Punj
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Atmaon Ka Khana soul food after death

Atmaon Ka Khana: हिंदू शास्त्रों में आत्माओं और प्रेतों को लेकर कई रहस्यमय बातें कही गई हैं. कहा जाता है कि मृत्यु के बाद भी कुछ आत्माएं भूखी रहती हैं और खास तरह के सूक्ष्म भोजन की आवश्यकता होती है. जानिए आत्माओं का भोजन क्या होता है और कैसे पिंडदान उन्हें शांति देता है.

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Atmaon Ka Khana: हिंदू धर्म के पुराणों और ग्रंथों में अनेक लोकों का वर्णन मिलता है – जैसे स्वर्गलोक, मृत्युलोक, पाताललोक. इन सबके बीच एक रहस्यमय लोक और है, जिसे प्रेत लोक कहा गया है. यह न तो पूर्णतः मृत आत्माओं का लोक है, न ही जीवितों की दुनिया – बल्कि उन आत्माओं का क्षेत्र है जो कहीं बीच में अटक गई हैं. इन्हीं को प्रेत कहा जाता है.

प्रेत कौन होते हैं?

प्रेत वे आत्माएं होती हैं जो मृत्यु के बाद भी अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पातीं. उनकी मुक्ति किसी अधूरे कर्म, अकाल मृत्यु, गलत अंतिम संस्कार या आत्महत्या जैसे कारणों से रुक जाती है. ऐसी आत्माएं मोह, क्रोध या अपूर्ण इच्छाओं के कारण प्रेत योनि में फंसी रह जाती हैं. ये आत्माएं अक्सर अप्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहती हैं – कभी वातावरण में अजीब हरकतों, भय, या सपनों के माध्यम से संकेत देती हैं.

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क्या होता है प्रेतों का भोजन?

चूंकि प्रेतों के पास भौतिक शरीर नहीं होता, इसलिए वे सामान्य भोजन नहीं कर सकते. लेकिन हिंदू शास्त्र, विशेषकर गरुड़ पुराण, में बताया गया है कि वे सूक्ष्म ऊर्जा से पोषण प्राप्त करते हैं. उनके भोजन के रूप होते हैं:

पिंडदान और श्राद्ध का अन्न

श्राद्ध में अर्पित भोजन, जल और तर्पण सूक्ष्म रूप में प्रेत आत्माओं तक पहुंचते हैं. इन्हीं से उन्हें तृप्ति मिलती है. यही उनकी प्राथमिक “भोजन व्यवस्था” मानी जाती है.

भावना और मानसिक ऊर्जा

यदि कोई आत्मा किसी व्यक्ति से गहरा जुड़ाव रखती है, तो वह उसकी भावनाओं, विशेष रूप से दुख, डर और पीड़ा से ऊर्जा खींच सकती है. इसीलिए कहा जाता है कि बार-बार रोने या भयभीत होने से आत्मा और अधिक सक्रिय हो सकती है.

नकारात्मक और तामसिक वातावरण

प्रेत आत्माएं उन स्थानों पर अधिक सक्रिय होती हैं जहां क्रोध, तामसिक आहार, मांस-मदिरा या तंत्र-मंत्र की क्रियाएं होती हैं. ऐसे वातावरण से उन्हें आवश्यक ऊर्जा मिलती है.

तांत्रिक भोग

कुछ विशेष तांत्रिक विधियों में प्रेत आत्माओं को वश में करने हेतु उन्हें मंत्र-सिद्ध भोग, रक्त मिश्रित प्रसाद या अन्य रहस्यमय सामग्री अर्पित की जाती है. यह प्रायः रात, श्मशान या सुनसान जगहों पर किया जाता है.

प्रेत आत्माएं अधूरी इच्छाओं और अपूर्ण कर्मों के कारण इस लोक और परलोक के बीच फंसी होती हैं. उनका “भोजन” ऊर्जा, श्रद्धा और भावना से जुड़ा होता है, न कि स्थूल वस्तुओं से. हिंदू परंपरा में पिंडदान और श्राद्ध कर्मों को इसलिए अत्यधिक महत्व दिया गया है – ताकि ऐसी आत्माओं को तृप्त किया जा सके और वे अपनी अगली यात्रा की ओर बढ़ सकें.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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