अक्षय तृतीया का महत्व क्या है? अभी से लें ये खास तैयारी, जानिए पूजा सामग्री की लिस्ट

अक्षय तृतीया पूजन सामग्री
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, इस दिन 'अबूझ मुहूर्त' होता है, यानी कोई भी शुभ कार्य करने के लिए इस दिन पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है.
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया इस साल 20 अप्रैल 2026 दिन रविवार को मनाई जाएगी. चूंकि इस दिन किया गया दान और निवेश ‘अक्षय’ (जिसका कभी क्षय न हो) होता है, इसलिए इसकी तैयारी अभी से शुरू कर देना बेहतर है. यहां कुछ खास तैयारियां दी गई हैं, जो आपको अभी से कर लेनी चाहिए. आइए जानते है गोरखपुर के आचार्य विनोद त्रिपाठी से अक्षय तृतीया का महत्व और इस दिन करने वाली खास तैयारी के बारे में-
Akshaya Tritiya 2026: घर की साफ-सफाई और शुद्धि
लक्ष्मी जी का वास वहीं होता है जहां स्वच्छता हो.
कबाड़ हटाएं:- घर के ईशान कोण और उत्तर दिशा को पूरी तरह साफ करें. टूटा हुआ कांच या बन्द घड़ियां घर से बाहर कर दें.
गंगाजल का छिड़काव:- घर के कोनों में गंगाजल छिड़कें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.
खरीददारी की योजना
अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना अत्यन्त शुभ माना जाता है.
गोल्ड बुकिंग:- उस दिन ज्वेलरी की दुकानों पर भारी भीड़ होती है, इसलिए आप अभी से अपनी पसन्द के गहने या सोने के सिक्के बुक कर सकते हैं.
आभूषण सहित जल और अन्न दान
वैशाख के महीने में भीषण गर्मी होती है, इसलिए जल दान का सबसे बड़ा महत्व है.
मिट्टी का या पीतल का घड़ा:- अक्षय तृतीया पर मिट्टी के नए घड़े का दान बहुत पुण्यदायी होता है. एक नया घड़ा अभी से लाकर रख लें.
सत्तू और मौसमी फल :- स्वर्ण, चांदी, दान कपड़ा, सैय्या दान, सत्तू, खरबूजा, आम और पंखे हवा की व्यवस्था पहले से कर लें.
पूजा सामग्री की लिस्ट
पूजा के समय हड़बड़ी न हो, इसलिए ये चीजें पहले से जुटा लें
- पीला कपड़ा (भगवान विष्णु के लिए)
- कमल का फूल या गुलाब (लक्ष्मी जी के लिए)
- अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)
- चन्दन और केसर, कलश स्थापना के लिए नारियल, कलावा और आम के पत्ते.
निवेश का संकल्प
अक्षय तृतीया केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य सुरक्षित करने के लिए भी है.`
नया खाता या निवेश:- यदि आप म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट या कोई नई बीमा पॉलिसी शुरू करना चाहते हैं, तो उसके दस्तावेज अभी से तैयार कर लें, ताकि 20 अप्रैल2026 को शुभ मुहूर्त में आप पहला कदम उठा सकें.
घर के द्वार पर शुभ चिह्न स्वागत की तैयारी के लिए
तोरण:- मुख्य द्वार के लिए आम या अशोक के पत्तों का ताजा तोरण तैयार करने की योजना बनाएं.
रंगोली:- घर के प्रवेश द्वार पर मां लक्ष्मी के पद-चिह्न (चरण) और स्वास्तिक बनाने के लिए रंग या स्टिकर ले आयें.
विशेष टिप:- अक्षय तृतीया के दिन ‘मिट्टी का दान’ या ‘पौधरोपण’ करना भी आपके पुण्य को अक्षय बनाता है. यदि जगह हो, तो एक छोटा पौधा लगाने की तैयारी अभी से कर लें.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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