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Jharkhand News: कमीशनखोरी मामले में मनीष रंजन से ईडी ऑफिस में आज पूछताछ

24 May, 2024 7:42 am
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Jharkhand News: कमीशनखोरी मामले में मनीष रंजन से ईडी ऑफिस में आज पूछताछ

झारखंड के आईएएस मनीष रंजन.

Jharkhand News: झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद कमीशनखोरी मामले में विभाग के पूर्व सचिव को ईडी ने तलब किया है.

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Jharkhand News: टेंडर में कमीशनखोरी मामले में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीएस संजीव लाल और निजी सहायक जहांगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन को पूछताछ के लिए बुलाया है. शुक्रवार (24 मई) को कमीशनखोरी मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी.

Jharkhand News: 22 मई को मनीष रंजन को ईडी ने भेजा समन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22 मई को मनीष रंजन को नोटिस भेजकर कहा था कि वह 24 मई को पूछताछ के लिए रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्याल पहुंचें. मनीष रंजन को अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की आय और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है.

कमीशनखोरी मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं मंत्री आलमगीर आलम

बता दें कि कमीशनखोरी मामले में विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल, जहांगीर आलम, मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम, सीए मुकेश मित्तल सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. लगातार दो दिन तक पूछताछ करने के बाद आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था. अभी वह ईडी की ही हिरासत में हैं. ईडी उनसे पूछताछ कर रही है.

ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी के कई सबूत ईडी के पास

ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद ईडी के हाथ कई सबूत लगे हैं, जिससे लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. एक एक्सेल शीट में कथित तौर पर कमीशनखोरी का हिसाब रखा जाता था, जिसमें मनीष रंजन का भी नाम शामिल था. उसी के आधार पर मनीष रंजन को पूछताछ के लिए बुलाया गया. ईडी को किसी गुप्ता की भी तलाश है.

ईडी का दावा- मंत्री से अधिकारी तक लेते थे टेंडर में कमीशन

ईडी ने कोर्ट में खुलासा किया था कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में अधिकारी से लेकर मंत्री तक कमीशन लेते थे. ज्ञात हो कि आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उसके निजी सहायक जहांगीर आलम के घर पर छापेमारी में ईडी को नोटों के ढेर मिले थे, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद मंत्री आलमगीर आलम से पूछताछ हुई और ईडी ने उनको भी गिरफ्तार कर लिया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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