ePaper

Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ में ऐसे फल-फूल रहा कोयले का अवैध कारोबार, तिरला घाटी से हो रहा पूरा खेल

Updated at : 28 Nov 2022 4:06 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ में ऐसे फल-फूल रहा कोयले का अवैध कारोबार, तिरला घाटी से हो रहा पूरा खेल

पतरातू अंचल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से अवैध कोयले का कारोबार आरंभ हो गया है. अवैध कोयले के कारोबार का मुख्य केंद्र ओरमांझी थाना क्षेत्र की तिरला घाटी है. तिरला घाटी स्थित एक प्राथमिक मध्य विद्यालय के पीछे कोयला का डिपो बनाया गया है, जहां मोटरसाइकिल एवं साइकिलों से कोयले को पहुंचाया जाता है.

विज्ञापन

Jharkhand News: रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड की पहचान यहां की कोलियरी से है. शुरू से ही कोयला का कारोबार वैध एवं अवैध तरीके से फल-फूल रहा है. यही कारण है कि इस कोयले के चक्कर में कोयलांचल की धरती हमेशा वर्चस्व को लेकर लाल होती रही है. इन दिनों अवैध कोयला कारोबार में कई बदलाव देखे जा रहे हैं. इस कारोबार को छोटा दिखाने के लिए पहले तो छोटे वाहनों साइकिल एवं मोटरसाइकिल का प्रयोग किया जा रहा है. इसके बाद बड़े वाहनों से इन कोयलों की ढुलाई की जा रही है. एसडीपीओ डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी कहते हैं कि क्षेत्र में अवैध खनन की कोई सूचना नहीं है.

आयरन फैक्ट्रियों व ईंट-भट्ठों में खपाया जा रहा कोयला

पतरातू अंचल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से अवैध कोयले का कारोबार आरंभ हो गया है. अवैध कोयले के कारोबार का मुख्य केंद्र ओरमांझी थाना क्षेत्र की तिरला घाटी है. तिरला घाटी स्थित एक प्राथमिक मध्य विद्यालय के पीछे कोयला का डिपो बनाया गया है, जहां मोटरसाइकिल एवं साइकिलों से कोयले को पहुंचाया जाता है. खरीदार कोयले को खरीदकर डिपो में इकट्ठा करते हैं और रात्रि 8:00 से 9:00 बजे के बीच एलपी ट्रक पर लोड कर जमशेदपुर स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्रियों समेत रांची जिले के कई ईंट-भट्ठों में कोयले को खपाया जा रहा है.

Also Read: सुधीर बाला मिश्र स्मृति सम्मान: उड़िया भाषा व संस्कृति के संरक्षण के लिए सरोज कुमार प्रधान हुए सम्मानित

बोरे में भरकर मोटरसाइकिलों से पहुंचाया जाता है अवैध कोयला

पतरातू अंचल के विभिन्न थाना व ओपी क्षेत्रों से क्षेत्र की कोलियरियों से चुराए गए कोयले को मोटरसाइकिलों के द्वारा सुबह 4:00 बजे से ढुलाई शुरू कर दी जाती है. इस कार्य में सैकड़ों मोटरसाइकिल सवार लगे हुए रहते हैं. ये मोटरसाइकिल सवार हरिहरपुर, सुथरपुर होते हुए घाटी मार्ग से तिरला घाटी में बनाए गए कोल डिपो पर कोयले को पहुंचाते हैं. इसके बाद कोयला खरीदार रात्रि के 8:00 बजते ही जेसीबी मशीन के द्वारा कोयले को बड़े वाहनों में लोड कर जाली पेपर के द्वारा गंतव्य स्थल तक कोयला पहुंचाते हैं.

Also Read: Jharkhand News: कौन हैं संजय कच्छप, जिनका पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में किया जिक्र

अवैध खनन की नहीं है सूचना

एसडीपीओ डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी कहते हैं कि हमारे क्षेत्र से किसी प्रकार के अवैध खनन के कार्य की सूचना नहीं है. आप लोगों से सूचना मिली है. इसकी जानकारी लेते हैं.

रिपोर्ट : अजय तिवारी, पतरातू, रामगढ़

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola