खाड़ी युद्ध के बीच पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, क्या है फैसले की वजह?

Updated at : 27 Mar 2026 1:52 PM (IST)
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government reduced excise duty on petrol and diesel

सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर से एक्साइज ड्‌यूटी घटाई

Petrol Price : खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के एक महीने पूरे होने जा रहे हैं. ऐसे में सरकार ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले से पेट्रोल–डीजल की कीमत तुरंत नहीं बढ़ेगी और आम जनता पर बोझ कम रहेगा.

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Petrol Price : अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्‌यूटी घटाने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले की वजह आम लोगों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद यह आशंका थी कि सरकार पेट्रोल–डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करेगी, लेकिन सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर सबको चौंका दिया है. आइए समझते हैं सरकार ने यह फैसला क्यों किया?


पेट्रोल–डीजल की कीमत बढ़ने की आशंका क्यों थी?

मिडिल ईस्ट में पिछले लगभग एक महीने से युद्ध जारी है, जिसकी वजह से प्रमुख समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना–जाना आसानी से संभव नहीं हो पा रहा है. इस स्थिति में कच्चा तेल डिमांड के अनुसार देश नहीं पहुंच पा रहा है. इसी वजह से देश में गैस और पेट्रोल–डीजल की कीमत बढ़ने की पूरी आशंका है. वहीं दूसरी ओर खाड़ी युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमत में भी वृद्धि हुई है और यह अब 70 डाॅलर प्रति बैरल से 120 डाॅलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. जहाजों की आवाजाही में परेशानी कीमत बढ़ने की प्रमुख वजह है, क्योंकि बाजार में यह डर बैठ गया है कि तेल मिलना कभी भी बंद हो सकता है.


सरकार ने टैक्स घटाकर जनता और तेल कंपनियों को राहत क्यों दिया ?

खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की जो स्थिति है उसमें तेल की कीमत बढ़ना तय था, कच्चे तेल की कीमत में 70% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है. चूंकि देश की तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने से तुरंत कीमत में वृद्धि नहीं करती है, ऐसे में उन्हें बहुत ज्यादा घाटा होने वाला था. अगर ऐसा होता, तों कंपनियां घाटे में चली जाती, इसलिए एक्ससाइज ड्‌यूटी घटाकर सरकार ने तेल कंपनियों को राहत दी है.


आम जनता के बोझ को सरकार ने अपने ऊपर लिया

तेल की कीमत में जो वृद्धि हुई है, उसे देखते हुए सरकार के पास दो ही रास्ते थे, पहला यह है कि वह पेट्रोल–डीजल की कीमत में वृद्धि कर दे, जैसा कई देशों ने किया भी है. दूसरा रास्ता यह था कि सरकार अपने ऊपर बोझ ले और तेल पर से टैक्स घटा दे. सरकार ने वही किया. इससे आम जनता पर बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि टैक्स घटने से पेट्रोल–डीजल की कीमत नहीं घटेगी और महंगाई भी नियंत्रित रहेगी. इसकी वजह यह है कि अगर पेट्रोल–डीजल की कीमत बढ़ती है, तो महंगाई बढ़ जाती है क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ जाता है.

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एक्साइज ड्यूटी क्या है?

एक्साइट ड्यूटी उत्पाद कर को कहते हैं. भारत में बनने वाले सामानों पर केंद्र सरकार यह टैक्स लगाती है. एक्साइज ड्‌यूटी फैक्ट्री से माल निकलने के समय उत्पादनकर्ता पर लगता है, जो अंततः उपभोक्ताओं से वसूला जाता है. इसी टैक्स को सरकार ने कम कर दिया है, ताकि उपभोक्ताओं पर बोझ ना पड़े.अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अभी बहुत अधिक है, इसलिए एक्साइट ड्यूटी घटने पर भी पेट्रोल –डीजल की कीमत में कमी अभी नहीं होगी, हां, यह जरूर होगा कि अचानक से कीमत में बढ़ोतरी नहीं होगी.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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