क्या खालिदा के बेटे तारिक रहमान भारत–बांग्लादेश संबंधों को देंगे ऊंचाई या कायम रहेगी अराजकता

Updated at : 13 Feb 2026 10:05 PM (IST)
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Tarique Rahman

तारिक रहमान

Bangladesh Election Results : 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में जेन जी मूवमेंट के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और भारत में शरण ली. बांग्लादेश में अराजकता की स्थिति थी और युवा गुस्से में था. युवाओं को रोजगार चाहिए, जो उन्हें मिल नहीं रहा था, वे सरकार की आरक्षण नीति का विरोध कर रहे थे. पूरे डेढ़ बरस बाद बांग्लादेश में हुए चुनाव में एक पूर्णबहुमत की सरकार चुनकर सामने आई है. इस सरकार से वहां की जनता को बहुत उम्मीद है, साथ ही भारत के लोग भी यह चाहते हैं कि पड़ोसी मुल्क के साथ संबंध सुधरे.

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Bangladesh Election Results : बांग्लादेश आम चुनाव का परिणाम आ जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि भारत के साथ उसके संबंध स्थिर होंगे और दोनों देशों के बीच पिछले साल से जो तनाव सी स्थिति बनी हुई है, वह दूर होगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि बांग्लादेश के चुनाव में जिस बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को जीत मिली है, उसका रुख भारत के प्रति बहुत दोस्ताना नहीं रहा है. ऐसे में अगर वहां तारिक रहमान प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हैं, जो वहां की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं, तो दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर होगा?

खालिदा जिया के बेटे हैं तारिक रहमान, जिनके तेवर भारत के विपरीत रहा है

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान अगले पीएम बनेंगे. वे बांग्लादेश की दो बार प्रधानमंत्री रहीं खालिया जिया के बेटे हैं. खालिया जिया दो बार 1991–96 और 2001–2006 के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी. उस दौरान इनकी विचारधारा बांग्लादेशी राष्ट्रवाद पर आधारित थी, इस्लामिक पहचान से ज्यादा जुड़ी थी. साथ ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सोच पाकिस्तान के प्रति नरम और भारत के प्रति उग्र रवैया रखती थी. अब जबकि खालिदा जिया के बेटे बांग्लादेश की सरकार के मुखिया बनेंगे, तो क्या यह संभव है कि वे अपनी मां की विचारधारा के साथ ही भारत के साथ संबंध बनाएंगे? खालिदा जिया का ऐसा मानना था कि भारत शेख हसीना के साथ ज्यादा मजबूती के साथ खड़ा दिखता है.

खालिदा जिया और तारिक रहमान के कार्यकाल में बहुत बदल चुका है बांग्लादेश : प्रो धनंजय त्रिपाठी

यह नया बांग्लादेश है, जिसकी नींव युवाओं की अपेक्षाओं पर रखी गई है. कोई भी नयी सरकार यह नहीं चाहेगी कि वो कोई ऐसा कदम उठाए जिससे युवाओं की अपेक्षाओं को ठेस पहुंचे. बांग्लादेश का युवा यह चाहता है कि भारत के साथ संबंध सुधरें और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ें. इन परिस्थितियों में तारिक रहमान भारत के संबंध खराब करने की नहीं सोचेंगे.

साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी बताते हैं कि इस बार जो सरकार बनी है वह पूर्ण बहुमत की सरकार है. इससे पहले दो बार जब खालिदा जिया प्रधानमंत्री बनी थीं, तो वह गठबंधन की सरकार थी. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को जमात ए इस्लामी के समर्थन की जरूरत थी. जमात का रुख हमेशा ही भारत विरोधी रहा है, लेकिन अब परिस्थिति वैसी नहीं है. आज तारिक रहमान की पार्टी पूर्ण बहूुमत में है, इसलिए उन्हें किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है.

यह नया बांग्लादेश है, जो भारत के साथ बेहतर संबंध विकसित करेगा. इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए है, जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में जीत पर धन्यवाद दिया और उनका सकारात्मक जवाब सामने आया है. बहुत मुमकिन है कि पिछले एक–डेढ़ साल में जिस तरह के रिश्ते बन गए थे उसमें सुधार होगा और अराजकता समाप्ति होगी.

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कैसा हो सकता है तारिक रहमान का कार्यकाल?

खालिदा जिया के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के बीच जो कुछ हुआ, उसे राजनीतिक मजबूरी कहा जा सकता है, लेकिन तारिक रहमान को काफी सोच–समझकर कदम उठाना होगा. बांग्लादेश के सामने भारत एक बहुत बड़ी शक्ति है, जिससे मेल–जोल बांग्लादेश के लिए फायदेमंद ही साबित होगा.

बांग्लादेश को अपने देश में विकास करने और युवाओं को बेहतर जीवन देने की कोशिश में भारत के सहयोग की जरूरत है. इस बात को तारिक रहमान समझते हैं. भारत यह चाहेगा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद और सीमा की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश से सहयोग मिले, अगर ऐसा होता है, तो बेहतर है. अगर ऐसा नहीं हुआ और तारिक रहमान इस्लामिक कट्टरता के पक्षधर बने, तो फिर अराजकता बढ़ सकती है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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