Ganesh Chaturthi 2023: उज्जैन में चिंतामण गणेश मंदिर भी है बेहद खास, होती है गणपति के तीन रूपों की पूजा

Updated:
विज्ञापन
Ganesh Chaturthi 2023: उज्जैन में चिंतामण गणेश मंदिर भी है बेहद खास, होती है गणपति के तीन रूपों की पूजा

Ganesh Chaturthi 2023: मध्य प्रदेश के उज्जैन को मंदिरों का शहर कहा जाता है. अगले सप्ताह गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा. आपको बता दें महाकालेश्वर की तरह उज्जैन में ही स्थित चिंतामण गणेश मंदिर भारत के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में से एक माना जाता है.

विज्ञापन
undefined

कहां स्थित है चिंतामण गणेश मंदिर

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में भगवान गणेश का प्राचीनतम मंदिर स्थित है. इसे चिंतामण गणेश के नाम से जाना जाता है.

undefined

भगवान राम ने की थी स्थापना

धार्मिक मान्यतानुसार इस गणेश मंदिर में भगवान चिंतामण गणेश की स्थापना भगवान राम ने वनवास के दौरान थी. वहीं इच्छामन और सिद्धिविनायक गणेश की स्थापना लक्ष्मण जी और सीता माता ने की थी. ऐसा मान्यता है कि जो भक्त चैत्र माह के बुधवार के दिन चिंतामण गणेश मंदिर में दर्शन पूजन करता है. भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं. साथ ही उसे सभी प्रकार के चिंता से मुक्त कर देते हैं.

undefined

क्या है मान्याता

ऐसी मान्यता है कि चिंतामण गणेश चिंता से मुक्ति प्रदान करते हैं, जबकि इच्छामन अपने भक्तों की कामनाएं पूर्ण करते हैं. गणेश का सिद्धिविनायक स्वरूप सिद्धि प्रदान करता है. इस अद्भुत मंदिर की मूर्तियां स्वयंभू हैं. गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले जैसे ही आप ऊपर नजर उठाएंगे तो चिंतामण गणेश का एक श्लोक भी लिखा हुआ दिखाई देता है…

कल्याणानां निधये विधये संकल्पस्य कर्मजातस्य.

निधिपतये गणपतये चिन्तामण्ये नमस्कुर्म:.

undefined

चिंतामण मंदिर की पौराणिक कथा

चिंतामण मंदिर की पौराणिक कथा भक्तों के लिए बेहद ही खास है. इस पवित्र मंदिर को लेकर दो मान्यताएं हैं. पहली- कहा जाता है कि इस पवित्र मंदिर के निर्माण के लिए गणेश भगवान स्वयं पृथ्वी पर आए थे. बताया जाता है कि इस अद्भुत मंदिर की मूर्तियां स्वयंभू हैं. मंदिर में स्थित चिंतामण गणेश भक्तों को चिंता से मुक्ति, जबकि इच्छामन गणेश भक्तों के इच्छा की पूर्ति और सिद्धिविनायक स्वरूप सिद्धि प्रदान करते हैं.

undefined

चिंतामण गणेश मंदिर परमारकालीन है, जो कि 9वीं से 13वीं शताब्दी का माना जाता है. इस मंदिर के शिखर पर सिंह विराजमान है. वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होलकर के शासनकाल में हुआ. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चिंतामण गणेश सीता द्वारा स्थापित षट् विनायकों में से एक हैं.

undefined

मनाकामना के लिए उल्टा स्वास्तिक

मान्यता है कि मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाने से हर मनोकामना पूर्ण होती है. जिनकी कामना पूर्ण होती है वे दोबारा मंदिर आते हैं और फिर दर्शन कर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं. बहुत से लोग मंदिर पर रक्षासूत्र बांधने भी आते हैं.

विज्ञापन
शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola