बिहार में इस साल 300 दिनों में ठनके ने ली 375 लोगों की जान,जानें थंडर स्टॉर्म की गतिविधियों से जुड़े तथ्य

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 21 Nov 2022 9:20 AM

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Bihar Weather: आइएमडी पटना के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार ने बताया कि प्री मॉनसून से लेकर मॉनसून सीजन तक थंडर स्टॉर्म विशेष रूप से ठनके की तीव्रता में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गयी है. इस साल 300 दिनों में ठनके से 375 लोगों की मौत हुई है.

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राजदेव पांडेय

पटना. वर्ष2022 को आपदाओं के लिहाज से सबसे संवदेनशील वर्ष माना जा रहा है. जनवरी से अक्तूबर तक 300 दिनों में ठनके की 246 घटनाएं हुई हैं और अब तक 375 लोगों की मौत हो चुकी है. आइएमडी पटना अब इस पर अनुसंधान कर रहा है. आइएमडी के अब तक के विश्लेषण के मुताबिक गंगा के दोनों किनारों से सटे जिलों में ठनका की सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं. किशनगंज के अलावा प्रदेश के सभी जिले थंडर स्टॉर्म की गतिविधियों के लिहाजा से असुरक्षित हो गये हैं.

मौसमी आपदाएं राज्य के 37 जिलों तक पहुंची

किशनगंज ही एक ऐसा जिला रहा, जहां एक भी ठनका की गतिविधियां नहीं हुई हैं. वहीं इस तरह की गतिविधियों से मार्च भी अछूता रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य तौर पर थंडर स्टॉर्म गतिविधियां दक्षिण बिहार और उत्तरी बिहार के बहुत कम जिलों को अपनी चपेट में लेती थीं. अब इस तरह की मौसमी आपदाएं राज्य के 37 जिलों तक पहुंच चुकी हैं. यह मौसमी घटनाक्रम लंबे समय तक चलता है.

आइएमडी पटना के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार ने बताया कि प्री मॉनसून से लेकर मॉनसून सीजन तक थंडर स्टॉर्म विशेष रूप से ठनके की तीव्रता में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गयी है. विशेष रूप से गंगा के किनारे बसे जिलों में ठनका की अधिकतर घटनाएं हो रही हैं. प्री मॉनसून सीजन अप्रैल, मई और जून में गर्म पछुआ हवा पूरे प्रदेश गंगा के ऊपर छा जाती हैं. जैसे ही मॉनसून के साथ नमी युक्त पुरवैया इनसे टकराती हैं तो आसमानी उपद्रव होने लगते हैं.

थंडर स्टॉर्म की माह वार गतिविधियों से जुड़े तथ्य

माह——–मौत——-घटनाक्रम——–प्रभावित जिले

जनवरी ——–2——– 2——– 2

फरवरी——–10 ——–5——– 5

अप्रैल ——–3 ——–3——– 3

मई ——–37 ——–20 ——–14

जून ——–64 ——–36 ——–23

जुलाई ——–104 ——–76 ——–28

अगस्त ——–44 ——–24 ——–17

सितंबर——– 96——– 66 ——–27

अक्तूबर ——–15——– 14 ——–12

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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