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बिहार के किसान फसल क्षति राशि का कर रहे इंतजार, मुआवजा राशि जारी लेकिन नहीं निकली आवेदन की तिथि

Updated at : 04 Apr 2023 2:04 AM (IST)
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बिहार के किसान फसल क्षति राशि का कर रहे इंतजार, मुआवजा राशि जारी लेकिन नहीं निकली आवेदन की तिथि

कृषि विभाग की ओर से राज्य के छह जिलों में 92 करोड़ दो लाख 31 हजार रुपये की फसल क्षति का आकलन किया गया है. मुजफ्फरपुर में 73 करोड़ 37 लाख 90 हजार चार सौ रुपये की फसल क्षति का आकलन किया गया है.

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  • बिहार की 299 पंचायतों के किसान फसल क्षति की राशि का कर रहे इंतजार

  • ओलावृष्टि ने 54 हजार हेक्टेयर में लगी तैयार फसल हुई बर्बाद

  • फसल क्षति के लिए 92 करोड़ जारी, मगर अब तक आवेदन की तिथि नहीं निकली

  • मुजफ्फरपुर में सर्वाधिक 73 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद

किसानों को फसल क्षति राशि का इंतजार 

वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुजफ्फरपुर, गया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी , शिवहर तथा रोहतास जिले में ओलावृष्टि व आंधी-तूफान से कुल 54 हजार 22 हेक्टेयर में लगी सिंचित व असिंचित तथा बारहमासी फसलें बर्बाद हुई हैं. इन छह जिलों की 299 पंचायतों के किसानों को बड़ी आर्थिक क्षति हुई है. सरकार की ओर से फसल क्षति के लिए 92 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. कृषि विभाग की ओर से अभी फसल क्षति की राशि के लिए आवेदन की तिथि निर्धारित नहीं की गयी है. 299 पंचायतों के किसान फसल क्षति की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

92 करोड़ दो लाख रुपये की फसल क्षति का आकलन

कृषि विभाग की ओर से राज्य के छह जिलों में 92 करोड़ दो लाख 31 हजार रुपये की फसल क्षति का आकलन किया गया है. मुजफ्फरपुर में 73 करोड़ 37 लाख 90 हजार चार सौ रुपये की फसल क्षति का आकलन किया गया है. वहीं, गया में दो करोड़ चार लाख 22 हजार एक सौ, पूर्वी चंपारण में चार करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपये की फसल बर्बाद हुई है. सीतामढ़ी में पांच करोड़ 88 लाख 37 हजार, शिवहर में पांच करोड़ 76 लाख 32 हजार पांच सौ तथा रोहतास में 54 लाख 23 हजार रुपये की फसल बर्बाद हुई है.

53 हजार हेक्टेयर में लगी तैयार फसलों को नुकसान

ओलावृष्टि व आंधी-तूफान ने बिहार के विभिन्न जिलों में 53 हजार 504 हेक्टेयर में लगी तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है. वहीं, 71 हजार हेक्टेयर में लगी असिंचित फसल भी बर्बाद हुई है. सिंचित, असिंचित तथा बारहमासी मिला कर 54 हजार 22 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद हुई है. सबसे अधिक मुजफ्फरपुर में 43028 हेक्टेयर, गया में 1201.30, पूर्वी चंपारण में 2458, सीतामढ़ी में 3461, शिवहर में 3037 तथा रोहतास 319 हेक्टेयर में लगी सिंचित फसल को क्षति पहुंची है. वहीं, शिवहर में 71 हेक्टेयर में लगी असिंचित फसल को भी नुकसान हुआ है. मुजफ्फरपुर में 102.6, पूर्वी चंपारण में 104 तथा शिवहर में 240 हेक्टेयर में लगी बाहरमासी फसल को क्षति पहुंची है. कुल 446.56 हेक्टेयर में लगी बाहरमासी फसल बर्बाद हुई है.

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बर्बाद हुई सिंचित फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 17 हजार मिलेगा

बर्बाद हुई असिंचित फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 8500 रुपया कृषि विभाग की ओर से प्रदान किया जायेगा. वहीं, बर्बाद हुई सिंचित फसल के लिए 17 हजार रुपया प्रति हेक्टयर विभाग की ओर से किसानों को दिया जायेगा. इसके लिए कृषि विभाग में रजिस्टर्ड किसान आवेदन की तिथि घोषित होने के बाद state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html पर जाकर आवेदन करेंगे.

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