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Bihar Vidhan Sabha Chunav : Coronavirus बिगाड़ेगा नीतीश-तेजस्वी का खेल, जानें वोटिंग को लेकर क्या है बिहार के वोटरों का रूख

Updated at : 21 Oct 2020 9:36 AM (IST)
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Bihar Vidhan Sabha Chunav : Coronavirus बिगाड़ेगा नीतीश-तेजस्वी का खेल, जानें वोटिंग को लेकर क्या है बिहार के वोटरों का रूख

Bihar vidhan sabha chunav, CSDS Poll 2020 : बिहार चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है. वहीं सीएसडीएस-लोकनीति की एक सर्वे ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की नींद उड़ा दी है. सर्वे में कई वोटरों ने कोरोना के कारण वोटिंग नहीं करने की बात कही है, जिसके बाद राज्य में इस राजनीतिक करीबी मुकाबले में दोनों दलों के लिए परेशानी बढ़ा दिया है.

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Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020 : बिहार चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है. वहीं सीएसडीएस-लोकनीति (CSDS-Lokniti Poll Bihar) की एक सर्वे ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और तेजस्वी यादव की नींद उड़ा दी है. सर्वे में कई वोटरों ने कोरोना (Coronavirus news) के कारण वोटिंग नहीं करने की बात कही है, जिसके बाद राज्य में इस राजनीतिक करीबी मुकाबले में दोनों दलों के लिए परेशानी बढ़ा दिया है.

क्या है सर्वे में- सामाजिक समीकरणों के अलावा, एक अन्य कारक कोविड-19 महामारी है, जिसमें गठबंधन के लिए अवसरों को बनाने या बिगाड़ने की क्षमता है. हालांकि, चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में लगभग सभी समुदायों के फोर-फिफ्थ वोटर्स ने वोट डालने को लेकर सहमति जतायी (कुल मिलाकर 87 प्रतिशत ने कहा कि वे चुनाव में मतदान करने की पूरी संभावना रखते हैं). मुस्लिम समुदाय के मतदाता, जिन्हें एमजीबी/राजद का पारंपरिक वोटर माना जाता है, उनमें अपेक्षाकृत कम उत्साह पाया गया. कुल 79 प्रतिशत ने कहा कि वे मतदान करने की अत्यधिक संभावना रखते थे.

असल में, इस बार यह जिम्मेदारी और भी कठिन है, क्योंकि महामारी को लेकर मतदाता के मन में उठ रहे सवालों के बीच यह चुनाव हो रहा है (कई अनुमान हैं कि मतदान कम होगा). साथ ही यह बात और अधिक महत्वपूर्ण है कि दोनों प्रमुख गठबंधन – राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन (एमजीबी) के स्वरूप में अंतिम समय में विभाजन और अस्थिरता देखने को मिली. ऐसे में सूक्ष्मतम स्तर पर है.

10 फीसदी वोटर कन्फयूज– एनडीए इस समय एक मजबूत स्थिति में दिखाई देता है, लेकिन हमारी अनिश्चितता की वजह कुछ और है. सर्वेक्षण में यह पाया गया कि लगभग 10 प्रतिशत मतदाता यह सुनिश्चित नहीं कर पाये हैं कि वे किसे वोट देंगे. साथ ही 14 प्रतिशत मतदाता, जिन्हें प्रिफरेंस दिया गया, उन्होंने यह भी कहा कि वे वोटिंग डे के दिन तक अपनी वर्तमान पसंद को बदल सकते हैं. इसमें दो चीजें करने की क्षमता है – या तो एनडीए को एक बड़ी जीत की ओर ले जाना, या फिर मुकाबले को निकतम बना कर चुनाव को अभी के अनुपात में और भी दिलचस्प बना देना.

Also Read: बिहार चुनाव 2020 : जानिए बीजेपी के सवर्णों पर पकड़ और ओबीसी-दलितों को लुभाने की कोशिश के चुनावी अंकगणित

Posted by : Avinish Kumar Mishra

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