कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा बिहार, सिलेंडर की जुगाड़ के लिए दौड़ लगा रहे लोग, जानें सरकार की तैयारी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2021 7:47 AM
कोरोना का संक्रमण बिहार के कई जिलों में अपना पांव पसार चुका है. राजधानी पटना के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अधिकतर अस्पतालों में सभी बेड फुल हो चुके हैं. वहीं कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की रोजाना मांग भी बढ़ती जा रही है. केवल पटना में ही रोजाना डेढ़ हजार अतिरिक्त सिलेंडर की मांग बढ़ी हुई है. वहीं ऑक्सीजन के प्रबंध को लेकर स्वास्थ्य विभाग पिछले 2 दिनों से लगातार सख्त कदम उठा रही है. पीएम मोदी ने भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की और निर्देश दिये.
कोरोना का संक्रमण बिहार के कई जिलों में अपना पांव पसार चुका है. राजधानी पटना के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अधिकतर अस्पतालों में सभी बेड फुल हो चुके हैं. वहीं कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की रोजाना मांग भी बढ़ती जा रही है. केवल पटना में ही रोजाना डेढ़ हजार अतिरिक्त सिलेंडर की मांग बढ़ी हुई है. वहीं ऑक्सीजन के प्रबंध को लेकर स्वास्थ्य विभाग पिछले 2 दिनों से लगातार सख्त कदम उठा रही है. पीएम मोदी ने भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की और निर्देश दिये.
पटना, भागलपुर, गया सहित कई जिलों में कोरोना के संकट गहरा चुके हैं. हालात ऐसी बन चुकी है कि लोग हाथों में रुपये लेकर दौड़ रहे लेकिन उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में भी बेड नहीं मिल रहे हैं. वहीं कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बीच सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन लेवल का घटना और सांस लेने में तकलीफ महसूस करना है. लोग घरों में आइसोलेट हो रहे हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर का ना होना उन्हें मुसीबत में डाल रहा है.
राजधानी पटना के कई प्राइवेट अस्पतालों ने ऑक्सीजन उपलब्ध ना होने का हवाला देकर मरीजों के सामने हाथ खड़े कर दिये, जिसके बाद हाहाकार मच गया. हालात की गंभीरता को समझते हुए फौरन उच्च स्तरीय बैठक की गई और ये फैसला लिया गया कि अभी सूबे में उद्योगों को ऑक्सीजन का सप्लाइ नहीं किया जायेगा. 90 फीसदी ऑक्सीजन अस्पतालों को दिये जायेंगे. लेकिन इसके बाद भी हालात पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया गया है. बतर दें कि पूरे बिहार में रोजाना करीब 25 से 30 हजार सिलेंडर की जरुरत अनुमानित है. जिसमें 10 हजार सिलेंडर की जरुरत केवल पटना में ही है.
पटना में अब रोजाना बिहार के बाहर से अब सिलेंडर मंगाये जा रहे हैं. शुक्रवार को तीन टैंकर सिलेंडर बोकारो और जमशेदपुर से पहुंचा. सरकार ऑक्सीजन प्रबंधन को दुरुस्त करने में लगी है. इस मुहिम में अब स्वास्थ्य विभाग के अलावा पुलिस और सामान्य प्रशासन भी जुटेगा. जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने शुक्रवार को यह आरोप लगाया कि नेता और कारोबारियों की मिलीभगत से ऑक्सीजन की कालाबाजारी चल रही है. प्रशासन अब डीलरों के द्वारा स्टॉक और कालाबाजारी पर भी निगरानी करेगी. भागलपुर, गया,बेगूसराय सहित अन्य जिलों के ऑक्सीजन सप्लायर के यहां मजिस्ट्रेट की तैनाती की जायेगी.
बिहार सरकार ने यह दावा किया है कि अगले दो दिनों में ऑक्सीजन की सारी समस्या दूर हो जायेगी. इसके लिए केंद्र, झारखंड और ओडिसा सरकार से भी मदद मांगी गई है. वहीं पटना पीएमसीएच और एनएमसीएच में ऑक्सीजन प्लांट चालू कर दिये गये हैं. जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी ये चालू हो जायेंगे. जिसके बाद समस्याएं थोड़ी कम हो सकती है.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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